Home छत्तीसगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग में ई-हियरिंग से प्रकरणों की सुनवाई प्रारम्भ

जिला उपभोक्ता आयोग में ई-हियरिंग से प्रकरणों की सुनवाई प्रारम्भ

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राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने जिला उपभोक्ता आयोग बलौदाबाजार में आनलाईन  माध्यम से ई-हियरिंग का वर्चुअल शुभारम्भ किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार श्रीनिवास तिवारी,सदस्य राज्य उपभोक्ता आयोग प्रमोद वर्मा, ज्वाइंट रजिस्ट्रार राज्य उपभोक्ता आयोग  मोना चौहान, जिला उपभोक्ता आयोग रायपुर अध्यक्ष डाकेश्वर शर्मा, सदस्य निरुपमा प्रधान एवं अनिल अग्निहोत्री वर्चुअली रूप से उपस्थित थे।

अध्यक्ष राज्य उपभोक्ता आयोग न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया द्वारा अपने संक्षिप्त उद्बोद्धन में वर्चअल सुनवाई के माध्यम से प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के संबंध में अवगत कराया गया। इस डिजिटल पहल के तहत पक्षकार और अधिवक्ता घर बैठे ही मोबाईल, कम्प्यूटर के माध्यम से आयोग की सुनवाई में शामिल हो सकेंगे । इससे समय, श्रम व संसाधनों तीनों की बचत होगी।न्यायमूर्ति श्री चौरड़िया ने बताया कि ई-हियरिंग जुड़ने से छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य बन जायेगा जहां सभी जिला उपभोक्ता आयोग में डिजिटल सुनवाई की सुविधा आरंभ हो जायेगी। बलौदाबाजार 14वां उपभोक्ता आयोग है जहां अब ई-हियरिंग से मामलों की सुनवाई किये जाने की सुविधा उपलब्ध है। न्यायमूर्ति श्री चौरड़िया ने कहा कि उक्त कार्य हेतु राज्य शासन का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

जिला उपभोक्ता आयोग बलौदाबाजार अध्यक्ष छमेश्वर लाल पटेल ने वर्चुअल सुनवाई की महत्ता के संबंध में जानकारी देते हुये बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य आयोग के निर्देशानुसार बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में ई-फायलिंग से प्रकरणों की प्रस्तुति हो रही है अब ई-हियरिंग से सुनवाई किये जाने जो अभूतपूर्ण निर्णय लिया गया है वह भविष्य में एक युगातकारी कदम सिद्ध होगा।

 बलौदाबाजार-भाटापारा जिला एक औद्योगिक क्षेत्र जहां इस वर्चुअल हियरिंग का लाभ उपभोक्ताओं को निश्चित ही प्राप्त होगा।

इस अवसर पर केशव वर्मा बनाम नेगमा जनरल इश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड मामले के पंजीयन की सुनवाई राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष  न्यायमूर्ति गौतम चौरडिया, आयोग के सदस्य प्रमोद वर्मा रजिस्ट्रार श्रीनिवास तिवारी की वर्चुअल उपस्थिति में जिला उपभोक्ता आयोग बलौदाबाजार के अध्यक्ष छमेश्वर लाल पटेल, सदस्यगण हरजीत सिंह चावला एवं श्रीमती शारदा सोनी द्वारा की गई जिसमें परिवादी केशव वर्मा सहित उनके अधिवक्ता धनंजय साहू ने आंनलाइन माध्यम से अपना तर्क प्रस्तुत किया।


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