सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटरिंग प्लांट-3 में स्थित ओपन गैन्ट्री क्रेन के नवीनीकरण कार्य का औपचारिक शुभारंभ दिनांक 25 जुलाई 2025 को कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एसपी) श्री ए. के. दत्ता, मुख्य महाप्रबंधक (एसपी-3) श्री एस. वर्गीस, तथा एसपी-3, एसपी-2 और ओएचपी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिकगण उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि यह 5 टन क्षमता वाली ओपन गैन्ट्री क्रेन वर्ष 2002 में सिंटरिंग मशीन-1 के आरंभिक चरण में स्थापित की गई थी। इसका उपयोग क्षेत्रीय मरम्मत कार्यशाला में मरम्मत किए गए महंगे पुर्जों एवं उपभोग्य सामग्रियों के भंडारण, स्टैकिंग एवं स्थानांतरण के लिए किया जाता था। किन्तु बीते 12 वर्षों से यह क्रेन निष्क्रिय पड़ी थी और खुले में अनुपयोगी अवस्था में थी। चारों ओर स्क्रैप, कीचड़ एवं मलबे से घिरा यह क्षेत्र एक चुनौती बन चुका था, परंतु हाल ही में आयोजित एक समर्पित हाउसकीपिंग अभियान के दौरान यहाँ कई महत्वपूर्ण वस्तुओं की पहचान की गई।
इस महत्त्वपूर्ण परिसंपत्ति को पुनर्जीवित करने की दिशा में महाप्रबंधक (एसपी-3) श्री आई. वी. रमना के नेतृत्व में अप्रैल 2025 के मध्य में पुनरुद्धार परियोजना आरंभ की गई। परियोजना में क्रेन की यांत्रिक एवं विद्युत प्रणाली की मरम्मत के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र का समग्र कायाकल्प भी शामिल था, जो लगभग 15 वर्षों से अनुपयोगी था।
क्रेन के पुनरुद्धार कार्य में होइस्ट प्रणाली, एलटी एवं सीटी यांत्रिकी, नियंत्रण पैनल का पुनःनियोजन तथा नई विद्युत केबलों की स्थापना सम्मिलित रही। सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने हेतु क्रेन का भार परीक्षण एवं संरचनात्मक मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही पुराने डेक प्लेटों से क्षेत्र की बाड़बंदी, लगभग 40 ट्रक धातु स्क्रैप का निष्कासन, पुर्जों एवं उपभोग्य सामग्रियों के लिए नए स्टैंड का निर्माण, एलडी स्लैग से समतलीकरण, तथा पहुँच मार्ग की सफाई जैसे कार्य भी सफलतापूर्वक किए गए। सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा क्षेत्र में सौंदर्यवर्धन हेतु पेंटिंग कार्य भी किया गया।
यह समस्त कार्य शून्य-दुर्घटना के साथ पूर्ण हुआ, जिसमें उप महाप्रबंधक (यांत्रिक) श्री एम. यू. राव, वरिष्ठ प्रबंधक (यांत्रिक) श्री केवल साहू, उप प्रबंधक (यांत्रिक) श्री दिनेश मानिकपुरी, सहायक महाप्रबंधक (विद्युत) श्री दीपक गुप्ता, सहायक महाप्रबंधक (विद्युत) श्री एस. सी. साहू, उप महाप्रबंधक (संचालन) श्री एस. के. सत्पथी, उप प्रबंधक (संचालन) श्री आर. एल. साहू, एवं वरिष्ठ प्रबंधक (यांत्रिकी) श्री जितेश शाहनी सहित टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



