सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र ने 11 दिसंबर, 2025 को स्टील मेल्टिंग शॉप–3 के बिलेट यार्ड में नई ईओटी क्रेन–29ए (एसडब्ल्यूएल 15 टन) की सफल कमीशनिंग के साथ आधुनिकीकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की। यह अत्याधुनिक क्रेन पुरानी डीसी-टाइप क्रेन–29 का स्थान लेगी, जिसे तकनीकी सीमाओं, स्पेयर पार्ट्स की अनुपलब्धता और बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के कारण सर्वे के उपरान्त हटाया गया था। इस नव-स्थापित क्रेन का शुभारंभ प्रभारी कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री एस. मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार तथा कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री पी. के. सरकार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) श्री बी. के. बेहरा, मुख्य महाप्रबंधक (सीईटी) श्री प्रणय कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (यांत्रिकी) श्री प्रमोद कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस–3) श्री त्रिभुवन बैठा, महाप्रबंधक (एसएमएस–3) श्री पी. सत्पथी, महाप्रबंधक एवं विभागीय सुरक्षा अधिकारी (एसएमएस–3) श्रीमती पुष्पा एम्ब्रोस, महाप्रबंधक (यांत्रिकी) श्री एस. के. मिश्रा, महाप्रबंधक (संचालन) श्री डी. विजिथ और महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री जेरी निनन सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
कमीशनिंग गतिविधियों में एसएमएस–3 की टीम—उप महाप्रबंधक (संचालन) श्री एस. के. सोनी, सहायक महाप्रबंधक (यांत्रिकी) श्री युवराज ठवरे और श्री डी. के. वर्मा, सहायक महाप्रबंधक (विद्युत) श्री अजित कुमार तथा श्री डी. सामंता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेसर्स ब्रेथवेट द्वारा आपूर्ति की गई यह नई क्रेन–29ए उन्नत एसी-आधारित ड्राइव, आधुनिक कंट्रोल सिस्टम और बेहतर इलेक्ट्रोमैग्नेट तकनीक से लैस है। इसका बैटरी–बैकअप सपोर्ट इलेक्ट्रोमैग्नेट सिस्टम अचानक बिजली बाधित होने की स्थिति में था। यह बिलेट के गिरने जैसी घटनाओं को रोकने में अत्यंत महत्वपूर्ण सुरक्षा सुविधा प्रदान करता है। यह अपग्रेड न केवल संयंत्र की लॉजिस्टिक्स चेन को मजबूत करेगा, बल्कि परिचालन सुरक्षा, दक्षता और विश्वसनीयता को भी नए स्तर पर ले जाएगा।
उल्लेखनीय है कि क्रेन–29ए बिलेट यार्ड की पहली एसी-टेक्नोलॉजी आधारित क्रेन है, जबकि वर्तमान में यहाँ सात पुरानी डीसी क्रेन मर्चेंट मिल, वायर रॉड मिल और बार रोलिंग मिल के लिए निरंतर बिलेट फीडिंग करती हैं। इस नई क्रेन से बिलेट हैंडलिंग में तेजी, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित होगी, साथ ही एसएमएस–3 और संबंधित मिलों में सामग्री के प्रवाह को अधिक सुगम और निर्बाध बनाया जा सकेगा।



