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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में धांधली की कोशिश

by admin

डोनाल्ड ट्रम्प ने अधिकारी से कहा-जैसे भी हो 11,780 वोट और जुटाओ, कॉल रिकॉर्डिंग लीक
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में धांधली का आरोप लगाने वाले डोनाल्ड ट्रम्प अब खुद हेराफेरी की कोशिश में उलझते जा रहे हैं। अमेरिका मीडिया में ट्रम्प का एक फोन कॉल सामने आया है। इसमें वे जॉर्जिया के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ब्रैड रैफेंसपर्गर से कह रहे हैं कि वे उनकी जीत के लिए जरूरी 11,780 अतिरिक्त वोटों का इंतजाम करें।

ट्रम्प ने उन्हें यह धमकी भी दी है कि अगर वे वोट का इंतजाम नहीं कर पाए तो आपराधिक गतिविधि करने के आरोप में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ट्रम्प जॉर्जिया में जो बाइडेन के खिलाफ 11,779 वोटों से हारे हैं। तीन बार मतगणना के बाद जॉर्जिया ने जो बाइडेन को विजेता घोषित किया है।

अभी तक नहीं मानी हार

ट्रम्प ने हार स्वीकार नहीं की है और नतीजा बदलने के लिए हर संभव प्रयास करते दिख रहे हैं। उन्होंने चुनावी नतीजों को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने धांधली की थ्योरी को खारिज कर दिया था। खास बात यह है कि रैफेंसपर्गर खुद रिपब्लिकन पार्टी के हैं, लेकिन वे ट्रम्प की बात से सहमत नहीं है। ट्रम्प ने फोन पर कहा, ‘मैं चाहता हूं कि आप 11,780 वोट खोजें।’

ट्रम्प के दावों का फैक्ट चेक

ट्रम्प का दावा नंबर-1: हम जॉर्जिया में स्पष्ट रूप से जीते हैं, लिहाजा हमारे पक्ष में पर्याप्त वोट होने चाहिए।

फैक्टः ट्रम्प स्पष्ट रूप से हारे हैं, लिहाजा उनके पक्ष में अतिरिक्त वोट नहीं हैं। सही नतीजा सुनिश्चित करने के लिए तीन बार वोटों की गिनती हुई है।

ट्रम्प का दावा नंबर-2: अगर नतीजा बदलता है तो लोगों को खुश होना चाहिए, क्योंकि तब उन्हें सही तस्वीर मिलेगी।

फैक्टः लोगों को पहले ही सही तस्वीर मिल चुकी है। बाइडेन ने जॉर्जिया मे जीत हासिल की है और ओवरऑल उनके पक्ष में 306 और ट्रम्प के पक्ष में 232 वोट पड़े हैं।

ट्रम्प का दावा नंबर 3: मृत लोगों के नाम पर वोट डाले गए। ऐसे कम से कम 5000 हजार वोट जॉर्जिया में डाले गए।

फैक्टः जॉर्जिया के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट रैफेंसपर्गर ने कहा कि सिर्फ दो मृत लोगों के नाम पर पड़े हैं न कि हजारों। उन दोनों वोट को अवैध करार दिया जा चुका है।

अमेरिकी कांग्रेस बुधवार को करेगी आधिकारिक घोषणा, ट्रम्प समर्थक कर सकते हैं विरोध

अमेरिकी कांग्रेस दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में 6 जनवरी को इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों के आधार पर राष्ट्रपति चुनाव के विजेता की घोषणा करेगी। इलेक्टोरल कॉलेज पहले ही वोट डाल चुके हैं और नतीजे सीलबंद लिफाफे में कांग्रेस को मुहैया करा दिए गए हैं।

हालांकि, अगर दोनों सदनों के एक-एक सांसद लिखित तौर पर आपत्ति जता दें तो फिर संयुक्त सत्र भंग हो जाता है और दोनों सदन अलग-अलग फैसला करते हैं कि आपत्ति को स्वीकार किया जाए या नहीं। दोनों सदनों की स्वीकृति होने पर ही आपत्ति स्वीकृत होती है अन्यथा पहले घोषित नतीजा ही फाइनल होता है।

पेंटागन के 10 पूर्व प्रमुखों ने दी ट्रम्प को चेतावनी, कहा-सेना के इस्तेमाल की गलती नहीं करें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हार स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं और कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि वे अपनी बात मनवाने के लिए सेना का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसे देखते हुए पेंटागन के 10 पूर्व प्रमुखों ने ट्रम्प को चेतावनी दी है कि ऐसी कोई कोशिश उनके ही खिलाफ जाएगी और इससे देश की प्रतिष्ठा धूमिल होगी।

ट्रम्प के कई समर्थकों ने (इसमें सांसद से लेकर आम लोग भी शामिल हैं) ने पहले ही कहा है कि वे बाइडेन की जीत को स्वीकार नहीं करेंगे। वाशिंगटन में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। अगर ऐसा होता है तो ट्रम्प स्थिति पर नियंत्रण करने के नाम पर सेना का इस्तेमाल कर सकते हैं।

जॉर्जिया की दो सीनेट सीटों के लिए भी चुनाव

मंगलवार को जॉर्जिया से सीनेट की दो सीटों के लिए चुनाव होने हैं। अगर डेमोक्रेट दोनों सीट जीत जाते हैं तो सीनेट में उसके 50 सदस्य हो जाएंगे। कमला हैरिस के उपराष्ट्रपति होने के कारण सीनेट पर डेमोक्रेट का कब्जा हो जाएगा, क्योंकि टाई की स्थिति में उपराष्ट्रपति के मत से फैसला होता है। अगर रिपब्लिकन पार्टी एक भी सीट जीत जाती है तो सीनेट पर उसका दबदबा कायम रहेगा बाइडेन पर संसद का दबाव कायम रहेगा।

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