Home छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति समावेशी विकास के लिए कारगर: मंत्री मोहम्मद अकबर

औद्योगिक नीति समावेशी विकास के लिए कारगर: मंत्री मोहम्मद अकबर

by admin

रायपुर : छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति देश में सबसे अच्छी: मंत्री लखमा

राजनांदगांव में उद्यम समागम आयोजित

वन मंत्री मोहम्मद अकबर एवं वाणिज्य एवं उद्योग वाणिज्य कर (आबकारी) मंत्री कवासी लखमा ने आज राजनांदगांव में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला उद्यम समागम का शुभारंभ किया। वन एवं राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह उद्यम समागम अधिक से अधिक लोगों को उद्योग लगाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है। वर्ष 2019-2024 की औद्योगिक नीति के तहत उद्यमियों को समावेशी विकास, आत्मनिर्भर एवं परिपक्व अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए विभिन्न तरह की छूट प्रदान की गई है, जो देश में सबसे अधिक है।

मंत्री मोहम्मद अकबर ने आगे कहा कि लघुवनोपज खरीदी में छत्तीसगढ़ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है और 112 करोड़ रूपए का लघुवनोपज समर्थन मूल्य पर शासन द्वारा खरीदा गया है, जो देश का 73 प्रतिशत लघुवनोपज है। उन्होंने कहा कि वैल्यू एडिशन के बाद लघु वनोपज का लाभ महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को मिलेगा। वर्ष 2019 में तेंदूपŸाा संग्राहकों को 602 करोड़ रूपए पारिश्रमिक भुगतान किया गया। तेंदूपŸाा संग्रहण का पारिश्रमिक दर वर्ष 2018 में 2500 रूपए बोरा था, जिसे बढ़ाकर 4000 रूपए कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रचुर लघुवनोपज को देखते हुए वनोपज, हर्बल तथा खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए वनांचल उद्योग पैकेज लाया गया है। जिससे इस क्षेत्र में आर्थिक निवेश करने वाले उद्यमियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना गोबर पर आधारित विश्व की पहली योजना है, जिससे प्रदेश के एक लाख 48 हजार परिवार को रोजगार मिला है। वर्मी कम्पोस्ट निर्माण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के 9 हजार करोड़ कर्ज की माफी की गई है, वहीं सभी के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न दिया जा रहा है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को तीन किश्त की राशि दी जा चुकी है और चौथी किश्त मार्च में दी जाएगी।

वाणिज्य एवं उद्योग वाणिज्य कर (आबकारी) मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि शासन द्वारा प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप सबसे अच्छी औद्योगिक नीति बनाई गई है। उन्होेंने कहा कि जिले में दो वर्ष में 41 उद्योग लगे हैं और इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़िया एवं किसान हैं। राज्य शासन द्वारा युवाओं को रोजगार देने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लघु वनोपज से समृद्ध प्रदेश है और यहां खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना पहल जारी है। प्रदेश के उद्योगपतियों को सुविधाएं देने के लिए सिंगल विंडो प्रणाली की व्यवस्था की गई है।

महाप्रबंधक जिला एवं व्यापार उद्योग केन्द्र राजीव शुक्ला ने बताया कि राजनांदगांव जिले में कुल 6982 औद्योगिक इकाई कार्यालय में पंजीकृत है। जिसमें सूक्ष्म एवं लघु इकाई 6968 तथा मध्यम एवं लार्ज इकाई की संख्या 14 है। पिछले 2 वर्षों में जिले में कुल 41 नवीन इकाई स्थापित हुए है। जिसमें से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण के 17 इकाई स्थापित हुए हैं। इन इकाईयों के स्थापित होने से जिले में कुल 55 करोड़ 37 लाख रूपए निवेश हुआ है।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में संसदीय सचिव एवं विधायक मोहला-मानपुर इंद्रशाह मण्डावी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं विधायक डोंगरगाांव दलेश्वर साहू, अध्यक्ष अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण एवं विधायक डोंगरगढ़ भुनेश्वर बघेल, विधायक खुजी श्रीमती छन्नी साहू, विधायक खैरागढ़ देवव्रत सिंह, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी विŸा एवं विकास निगम धनेश पाटिला, महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य हफीज खान, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष विवेक वासनिक, पार्षद कुलबीर छाबड़ा एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक डी श्रवण, आईबी ग्रुप के डायरेक्टर अंजुम अलवी एवं उद्योगपति उपस्थित थे।

Share with your Friends

Related Articles

Leave a Comment

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More