Home छत्तीसगढ़ मर्चेन्ट मिल में टीएमटी उत्पादन बढ़ाने की कवायद, रेल मिल ने एसएमएस-2 के ब्लूम्स् को इन-हाउस रोलिंग कर बनाया बिलेट्स

मर्चेन्ट मिल में टीएमटी उत्पादन बढ़ाने की कवायद, रेल मिल ने एसएमएस-2 के ब्लूम्स् को इन-हाउस रोलिंग कर बनाया बिलेट्स

by admin

भिलाई : सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने बाज़ार में बढ़ती मांगों को देखते हुए मर्चेन्ट मिल में टीएमटी उत्पादन बढ़ाने हेतु अभिनव पहल करते हुए बिलेट्स की उपलब्धता में वृद्धि सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। इस हेतु संयंत्र के निदेशक प्रभारी, अनिर्बान दासगुप्ता के नेतृत्व में रणनीतिक निर्णय लिया गया जिसे कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राजीव सहगल के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया |

इसके तहत 04 फरवरी, 2021 को सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के रेल एण्ड स्ट्रक्चरल मिल ने पहली बार एसएमएस-2 के कास्टर नम्बर-4 से प्राप्त 320×340 मिमी के 256 ब्लूम्स् की सफलतापूर्वक रोलिंग कर 125×125 मिमी वाले बिलेट्स में बदला जिसका वजन 1046 टन है। जिसकी आपूर्ति टीएमटी बार के रोलिंग हेतु मर्चेन्ट मिल को उपलब्ध कराया जायेगा। यह रोलिंग एक चुनौतीपूर्ण कार्य था जिसे रेल मिल बिरादरी ने बखूबी अंजाम दिया।

विदित हो कि इससे पूर्व मर्चेन्ट मिल ने 32 मिमी टीएमटी बार के रोलिंग हेतु दुर्गापुर स्टील प्लान्ट से 125×125 मिमी वाले बिलेट्स की आपूर्ति की गई थी। इस बिलेट्स की सफलतापूर्वक ट्रायल रोलिंग ने बीएसपी बिरादरी के समक्ष इस प्रकार के बिलेट्स की आपूर्ति सुनिश्चित करने की चुनौती रखी। इस चुनौती को रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल ने स्वीकार करते हुए बीएसपी के एसएमएस-2 से प्राप्त ब्लूम्स् को रोल कर 125×125 मिमी वाले बिलेट्स में बदलने का बीड़ा उठाया।

इस रोलिंग को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए रेल मिल के विभिन्न अनुभागों ने विभिन्न माॅडिफिकेशन्स को अंजाम दिया जैसे आरटीएस एवं आरपीडीबी की टीम ने रोल-पास डिजाइन में परिवर्तन किया। इसी प्रकार रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल की टीम ने गाइड्स को माॅडिफाइड करने के साथ ही बिलेट्स को कुलिंग बेड में सीधा रखने हेतु अन्य कई माॅडिफिकेशन्स को अंजाम दिया गया। इसी प्रकार इसके निर्धारित साइज में काटने हेतु प्रबंध किए गए। 125×125 मिमी वाले बिलेट्स के रोलिंग हेतु रेल मिल, आरटीएस एवं आरपीडीबी की संयुक्त टीम ने रोलिंग स्टैण्ड में आवश्यक सुधार किये। इस प्रकार बीएसपी में पहली बार कास्ट स्टील ब्लूम्स् को आरएसएम द्वारा बिलेट्स में कन्वर्ट किया गया। इन समग्र प्रयास से मर्चेन्ट मिल में टीएमटी उत्पादन बढ़ाना संभव हो सकेगा।

विदित हो कि इससे पूर्व 26 जनवरी, 2021 को रेल मिल बिरादरी ने एसएमएस-3 द्वारा उत्पादित 300×335 मिमी के 24 ब्लूम्स् की सफलतापूर्वक रोलिंग कर 125×125 मिमी वाले बिलेट्स में बदला। इस महत्वपूर्ण व अभिनव उपलब्धि के लिये कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राजीव सहगल ने रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल के सम्पूर्ण रेल मिल, आरटीएस एवं आरपीडीबी टीम को बधाई दी।

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