Home देश विचारों की घर वापसी है भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति : प्रो. संजय द्विवेदी

विचारों की घर वापसी है भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति : प्रो. संजय द्विवेदी

by admin

 

*अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, ब्रज प्रांत के 63वें प्रांत अधिवेशन का आयोजन*

*कासगंज.अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, ब्रज प्रांत के 63वें प्रांत अधिवेशन* को संबोधित करते हुए *भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी* ने कहा कि भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति विचारों की घर वापसी है। बीते 24 महीनों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के हिसाब से कई परिवर्तनों की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में शिक्षा नीति सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। इस अवसर पर *अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. भूपेंद्र सिंह*, प्रांत अध्यक्ष *डॉ. अमित अग्रवाल*, प्रांत मंत्री *सुश्री गौरी दुबे*, क्षेत्रीय संगठन मंत्री *श्री मनोज नीखरा* एवं प्रांत संगठन मंत्री *श्री मनीष राय* सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

अधिवेशन के मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए *प्रो. द्विवेदी* ने कहा कि शिक्षा परिसर से लेकर देश की सीमाओं तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्य कर रहा है। एबीवीपी अकेला ऐसा संगठन है, जो समाज के संकटों और राष्ट्र की चुनौतियों को अपना मानता है और उसका डटकर मुकाबला करता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का एकत्व ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का लक्ष्य है। विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार और स्वावलंबन प्रदान करने में एबीवीपी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

आईआईएमसी के महानिदेशक के अनुसार आजादी के अमृतकाल में हमें अगले 25 वर्षों को स्वर्णिम काल में बदलना है। हमें एक ऐसा भारत बनाना है, जो अपनी जड़ों पर खड़ा हो और जिसकी सोच और अप्रोच नई हो। इस कार्य में विद्यार्थी परिषद जैसे संगठनों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ये सपने देखने का नहीं, बल्कि संकल्प पूरे करने का अमृतकाल है। इस महत्वपूर्ण समय में हमें भारत का भारत से परिचय कराने की जरुरत है।

प्रो. द्विवेदी के अनुसार आज ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, और सबका प्रयास’ देश का मूल मंत्र बन रहा है। आज हम एक ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं, जिसमें भेदभाव की कोई जगह न हो, एक ऐसा समाज बना रहे हैं, जो समानता और सामाजिक न्याय की बुनियाद पर मजबूती से खड़ा हो और हम एक ऐसे भारत को उभरते देख रहे हैं, जिसके निर्णय प्रगतिशील हैं। उन्होंने कहा कि 26 हजार नए स्टार्टअप का खुलना दुनिया के किसी भी देश का सपना हो सकता है। ये सपना आज भारत में सच हुआ है, जिसके पीछे भारत के नौजवानों की शक्ति और उनके सपने हैं।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष *प्रो. भूपेंद्र सिंह* ने कहा आजादी के 75 वर्षों के साथ विद्यार्थी परिषद के भी 75 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पास भारत माता की सेवा करने का सबसे पुराना अनुभव है। विश्व में कोई ऐसा संगठन नहीं है, जिसके पास युवाओं की इतनी बड़ी टीम हो। हमें अपनी इस शक्ति को नए भारत के निर्माण में लगाना है।

प्रांत अध्यक्ष *डॉ. अमित अग्रवाल* ने कहा भारतीय संस्कृति, सभ्यता और मर्यादा की रक्षा करने की जिम्मेदारी युवाओं पर है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद टुकड़े-टुकड़े गैंग को भारतवर्ष से बाहर करके रहेगा। इसके लिए संगठन को मजबूत करना और सदस्यता को बढ़ाना होगा, तभी ये कार्य संभव हो सकता है।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण *डॉ. सुरेंद्र गुप्ता* ने एवं धन्यवाद ज्ञापन *श्री सुनील वार्ष्णेय* ने दिया।

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