Home छत्तीसगढ़ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक

by admin

 

*मतदान केन्द्रों पर अनिवार्य बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक उपलब्धता को चिन्हित करने थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश*

*दिव्यांग मतदाताओं और थर्ड जेंडर मतदाताओं का पंजीयन बढ़ाने गैर-सरकारी व नागरिक-सामाजिक संगठनों की ली जाएगी मदद*

रायपुर. छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में दिव्यांग मतदाताओं के सुगम मतदान हेतु गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति (State Steering Committee on Accessible Elections) की बैठक संपन्न हुई। उन्होंने बैठक में दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान को सुगम बनाने समाज कल्याण विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय को निर्देशित किया। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, समाज कल्याण विभाग के संचालक श्री रमेश कुमार शर्मा, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. के.आर.आर. सिंह, लोक शिक्षण संचालनालय के अपर संचालक श्री जे.पी. रथ और उप संचालक श्री एस.एन. पंडा भी बैठक में मौजूद थे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती कंगाले ने बैठक में उपस्थित सदस्यों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विगत 24 नवम्बर को नई दिल्ली में आयोजित सुगम मतदान के लिए गठित राष्ट्रीय सलाहकार समिति (National Advisory Committee on Accessible Elections) के बैठक के कार्यवाही विवरण एवं आयोग की अनुशंसा की जानकारी दी। उन्होंने राज्य स्तरीय संचालन समिति के सदस्यों से छत्तीसगढ़ में संभावित आगामी विधानसभा निर्वाचन-2023 में दिव्यांग (PwDs) मतदाताओं के सुगम मतदान के लिए कार्ययोजना बनाए जाने हेतु सुझाव मांगे।

श्रीमती कंगाले ने सुगम मतदान के लिए आगामी निर्वाचनों में मतदान केन्द्र पर अनिवार्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समाज कल्याण विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने चिन्हित दिव्यांग मतदाताओं को दिव्यांगता का चिकित्सा प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सहयोग से विशेष शिविर आयोजित करने कहा। उन्होंने दिव्यांग मतदाताओं का मतदान केन्द्रवार चिन्हांकन कर उनके नाम सर्वर में एन्ट्री कराने के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि दिव्यांग मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में त्रुटिरहित तरीके से अंकित किया जा सके।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बैठक में दिव्यांग मतदाताओं के साथ ही 18 वर्ष से अधिक आयु के थर्ड जेंडर नागरिकों के चिन्हांकन एवं मतदाता सूची में पंजीयन के लिए समाज कल्याण विभाग को जिला स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने कहा। उन्होंने इस कार्य में थर्ड जेंडर समुदाय के कल्याण के लिए काम कर रहे गैर-सरकारी व नागरिक-सामाजिक संगठनों (NGOs/ CSOs) एवं स्वयंसेवकों का सहयोग लेने कहा। उन्होंने दृष्टिबाधित दिव्यांग मतदाताओं को मतदान से संबंधित आवश्यक जानकारी देने के लिए वाइस मैसेज भेजने प्रत्येक दृष्टिबाधित मतदाताओं के चिन्हांकन के समय उनके मोबाइल नंबर प्राप्त कर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के साथ साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मूक-बधिर दिव्यांग मतदाताओं और मतदान कर्मियों के बीच संवाद की दिक्कत को देखते हुए लघु फिल्म तैयार कर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से साझा करने कहा ताकि इसे मतदान दल के सदस्यों एवं मतदान केन्द्रों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के समक्ष प्रदर्शित कर उन्हें प्रशिक्षित किया जा सके।

श्रीमती कंगाले ने दिव्यांग मतदाताओं के सुगम मतदान में सहयोग के लिए उनके कल्याण के लिए काम कर रहे गैर-सरकारी व नागरिक-सामाजिक संगठनों का सहयोग लेने कहा। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के संचालक को जिला स्तर पर इस तरह की संस्थाओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. के.आर.आर. सिंह को इन संस्थाओं के साथ संभाग स्तरीय कार्यशाला आयोजित करने कहा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बैठक में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी जिला निर्वाचन अधिकारियो की वेबसाइट को दिव्यांगों की सहूलियत के अनुरूप (PwDs Friendly) बनाया जाना है। इस संबंध में सभी जिलों को पूर्व में ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियो की वेबसाइट का परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुगम मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में अच्छा काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रेरित करने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर उन्हें विशेष पुरस्कार दिए जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही के लिए संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को निर्देशित किया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती कंगाले ने संचालन समिति की बैठक में मतदान केन्द्रों पर सुनिश्चित की गई अनिवार्य बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक उपलब्धता को चिन्हित करने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों को थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में अध्ययनरत 17 वर्ष से अधिक उम्र के छात्र-छात्राओं की सूची तैयार करने एवं मतदाता सूची में पंजीयन हेतु अग्रिम आवेदन कराने के लिए विद्यालय स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन करने कहा। उन्होंने मतदान केन्द्रों पर दिव्यांग मतदाताओं एवं वरिष्ठ मतदाताओं के सहयोग के लिए एनएसएस एवं एनसीसी के चयनित विद्यार्थियों के विशेष प्रशिक्षण के भी निर्देश दिए।

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