Home छत्तीसगढ़ सिंटर की खपत को कम करने के रणनीतिक निर्णय से हॉट मेटल उत्पादन स्तर को बनाए रखने में मिली मदद

सिंटर की खपत को कम करने के रणनीतिक निर्णय से हॉट मेटल उत्पादन स्तर को बनाए रखने में मिली मदद

by Surendra Tripathi

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा ब्लास्ट फर्नेस 8 और फिर ब्लास्ट फर्नेस 7 में सिंटर बर्डन कम करने के रणनीतिक निर्णय के फलस्वरूप दैनिक सिंटर उत्पादन स्तर में हाल फिलहाल कमी आने के बावजूद ब्लास्ट फर्नेस का दैनिक हॉट मेटल उत्पादन स्तर 17500 और 18000 टन के बीच बना हुआ है, जो कि अपने आप में एक उपलब्धि है। विदित हो कि सिंटर प्लांट 2 में 23 दिसंबर 22 से मशीन क्रमांक 01 में ब्रेकडाउन होने के कारण दैनिक सिंटर का उत्पादन 24000 टन से कम हो गया है। बीएसपी प्रबंधन द्वारा इस खपत को कम करने के लिए रणनीतिक निर्णय लिया गया जिसके फलस्वरूप ब्लास्ट फर्नेस 7 और ब्लास्ट फर्नेस 8 में सिंटर की दैनिक खपत में 3200 टन की कमी लाई जा सकी।

15 दिसंबर 2022 से सिंटर के बोझ को कम करने के लिए रणनीतिक निर्णय लिया गया। ब्लास्ट फर्नेस 8 में सिंटर का प्रतिशत 52 से 55 प्रतिशत रखा गया। जबकि ब्लास्ट फर्नेस 8 में पेलेट का 22 प्रतिशत है। ब्लास्ट फर्नेस 7 में भी इसी पद्धति का पालन किया गया।

इस निर्णय से ब्लास्ट फर्नेस 7 और ब्लास्ट फर्नेस 8 में सिंटर की दैनिक खपत में लगभग 3200 टन की कमी आई है। खपत में इस कमी के परिणामस्वरूप सिंटर प्लांट 3 के आपातकालीन सिंटर बंकर को लगभग 18000 टन के स्तर तक भर दिया गया है।

इस रणनीतिक निर्णय से सिंटर की कमी के कारण ब्लास्ट में कोई कमी नहीं आने दिया गया जिसके कारण ब्लास्ट फर्नेसों ने अपना दैनिक हॉट मेटल उत्पादन 17500 से 18000 टन के मध्य बनाए रखने में सक्षम रही है।

विदित हो कि पहले सिंटर की कमी के कारण ब्लास्ट में कमी की जाती थी। सिंटर प्लांट 2 की एक मशीन उपलब्ध न होने के बावजूद अब सिंटर प्रतिशत घटने से सिंटर की कमी नहीं होने दी गई है।

माह अक्टूबर 2022 में ब्लास्ट फर्नेस बर्डन में सिंटर का प्रतिशत 65.5 था, और सिंटर की औसत दैनिक खपत 8370 टन थी। नवम्बर 2022 में सिंटर का प्रतिशत 60.5 था और सिंटर की औसत दैनिक खपत 8465 टन थी। दिसम्बर 2022 में बर्डन में सिंटर प्रतिशत को कम कर 56.5 रखा गया जिससे सिंटर की औसत दैनिक खपत अब घटकर 7056 टन रह गई है।

प्लांट द्वारा ली गई इस गेम चेंजर रणनीति को सबसे पहले मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (लौह) श्री तापस दासगुप्ता के मार्गदर्शन में ब्लास्ट फर्नेस 8 टीम द्वारा लागू किया गया। वही रणनीति अब ब्लास्ट फर्नेस 7 में दोहराई जा रही है। इस प्रकार सिंटर के कमी के बावजूद हाॅट मेटल का उत्पादन स्तर को 17500 से 18000 के बीच बनाया रखा जा सका है।

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