Home छत्तीसगढ़ लोक भवन में पहली बार ‘एक्सपीरियंस ड्यूरिंग स्कूल लाईफ‘ कार्यक्रम

लोक भवन में पहली बार ‘एक्सपीरियंस ड्यूरिंग स्कूल लाईफ‘ कार्यक्रम

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छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी राज्यपाल की पहल पर लोक भवन में  एक्सपीरियंस ड्यूरिंग स्कूल लाईफ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, प्राचार्य और शिक्षक शामिल हुए। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें परीक्षा की तैयारी, तनाव प्रबंधन, करियर चयन और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।

राज्यपाल ने कहा कि उनके समय में परीक्षा की अलग पद्धति थी। लेकिन अब परीक्षा प्रणाली में बदलाव आया है। केवल रटने से नहीं, बल्कि समझकर पढ़ने और नियमित अभ्यास से सफलता मिलती है। धैर्य, अनुशासन और समय की पाबंदी बेहद जरूरी है।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि परीक्षा के समय अनावश्यक तनाव न लें। रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ना, पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखना और अंतिम समय में पढ़ाई का बोझ न बढ़ाना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी का लक्ष्य इंजीनियर या डॉक्टर बनना ही नहीं होता। विभिन्न क्षेत्रों में असीम संभावनाएं हैं। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और पैशन के अनुसार करियर चुनना चाहिए। केवल सफलता से संतोष नहीं मिलता, बल्कि जीवन में सकारात्मक सोच भी जरूरी है।

राज्यपाल ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही सोच व्यक्ति को मजबूत बनाती है। एकाग्रता पर पूछे गए सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कहा कि आज मोबाइल और इंटरनेट से दुनिया हमारी मुट्ठी में है, लेकिन पढ़ाई के समय मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी जरूरी है। सही जानकारी ग्रहण करें और गलत प्रभाव से बचें।

राज्यपाल ने कहा कि माता-पिता और विद्यार्थियों के बीच आपसी संवाद जरूरी है। बच्चों पर किसी एक क्षेत्र को जबरदस्ती थोपने के बजाय, उनकी रुचि के अनुसार भविष्य की दिशा तय करने में सहयोग करें।
हॉबी को भी बनाया जा सकता है करियर

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपनी हॉबी को भी व्यवसाय में बदला जा सकता है, बशर्ते उसके लिए सही माइंडसेट और निरंतर मेहनत हो।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि यह विद्यार्थियों के लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें राज्यपाल से प्रत्यक्ष मार्गदर्शन मिल रहा है, जो उनके जीवन में उपयोगी सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने इस कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। राज्यपाल श्री डेका ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों को स्मृति स्वरूप प्रमाण पत्र प्रदान किये।


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