डीआरडीओ ने आज ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से पूरी तरह स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) का सफल उड़ान परीक्षण किया है. बेंगलुरु स्थित एडीई (ADE) प्रयोगशाला द्वारा विकसित इस मिसाइल ने चांदीपुर टेस्ट रेंज की निगरानी में अपने सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा किया जिससे देश की मारक क्षमता और आत्मनिर्भर रक्षा तंत्र को नई मजबूती मिली है.
भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए अपनी स्वदेशी ताकत का लोहा मनवाया है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने आज ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से पूरी तरह स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) का पहला सफल उड़ान परीक्षण (Flight-Test) किया है. इस अत्याधुनिक मिसाइल ने अपने परीक्षण के दौरान सभी मिशन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जिससे भारत की लंबी दूरी तक मार करने वाली मारक क्षमता को एक नई और बेहद घातक धार मिल गई है. इस सफल परीक्षण से भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी.
भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए अपनी स्वदेशी ताकत का लोहा मनवाया है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने आज ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से पूरी तरह स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LRLACM) का पहला सफल उड़ान परीक्षण (Flight-Test) किया है. इस अत्याधुनिक मिसाइल ने अपने परीक्षण के दौरान सभी मिशन उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जिससे भारत की लंबी दूरी तक मार करने वाली मारक क्षमता को एक नई और बेहद घातक धार मिल गई है. इस सफल परीक्षण से भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी.



