मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 14 वां चरण के अंतर्गत 15 जून से 14 जुलाई तक संचालित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बीजापुर ने विकासखंड उसूर के सेक्टर पामेड़ अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र पालागुड़ा के आश्रित ग्राम मिनागट्टा में अभियान का निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों को मलेरिया उन्मूलन के प्रति जागरूक करते हुए जनभागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया गया।
ग्रामीणों को दी गई स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सलाह
ग्रामीणों को नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा हैंडपंप एवं अन्य जल स्रोतों के आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए जनजागरूकता और सामुदायिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी उसूर, सेक्टर प्रभारी पामेड़, एमटीएस, फार्मासिस्ट तथा सर्वे टीम से महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता पालागुड़ा, इरापल्ली, उड़तामाला एवं पवनगड़पा उपस्थित रही।
49 घरों का सर्वे, 4 मरीजों का उपचार जारी
ग्राम मिनागट्टा में अभियान के तहत कुल 49 घरों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें 145 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। सर्वेक्षण के दौरान 4 मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई, जिनका उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का उद्देश्य
मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं, समय पर जांच तथा जन-जागरूकता का विस्तार किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य प्रदेश को मलेरिया मुक्त बनाना और प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित एवं स्वस्थ जीवन प्रदान करना है। यह अभियान स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित एक जनहितकारी पहल है, जिसमें समुदाय की सक्रिय भागीदारी से मलेरिया की रोकथाम और नियंत्रण को प्रभावी बनाया जा रहा है।



