प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई को गुजरात के साणंद में CG सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा का उद्घाटन किया। यह सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में भारत की बढ़ती प्रगति और ग्लोबल चिप प्रोडक्शन हब बनने की उसकी महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। इस कार्यक्रम में बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि यह सुविधा जल्द ही अपने प्रोडक्शन का लक्ष्य हासिल कर लेगी।
मोदी ने कहा कि मुझे बताया गया है कि अब से यहां हर साल 20 करोड़ (200 मिलियन) चिप्स का प्रोडक्शन होगा। मुझे पूरा भरोसा है कि आप इसे जल्द ही हासिल कर लेंगे। यह भरोसा इस बात से भी आता है कि ‘सेमीकॉन इंडिया’ प्रोग्राम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। कदम-दर-कदम, ईंट-दर-ईंट और अब चिप-दर-चिप। हमने हर साल 50 करोड़ (500 मिलियन) चिप्स बनाने का लक्ष्य रखा है। मुझे यकीन है कि आप बहुत जल्द यह लक्ष्य हासिल कर लेंगे। मैं CG Semi की पूरी टीम को दिल से बधाई देता हूं।
पीएम मोदी ने दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मोबाइल बनाने और एक्सपोर्ट करने वाले देश के तौर पर भारत की स्थिति पर ज़ोर दिया और बताया कि 2014 से इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट में कितनी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बनाने वाला और दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल एक्सपोर्ट करने वाला देश है। आज भारत का कुल इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्शन 2014 के मुकाबले लगभग 7 गुना बढ़ गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स का एक्सपोर्ट लगभग 11 गुना बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री ने भारत में सेमीकंडक्टर की ग्रोथ को एक दशक से चल रही इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति का हिस्सा बताया। यह सफर तैयार प्रोडक्ट्स से शुरू होकर कंपोनेंट्स और अब सेमीकंडक्टर तक पहुँचा है, जिसका मकसद देश में ही पूरी इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन को विकसित करना है। उन्होंने इस नज़रिए को विकसित भारत के रोडमैप और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अगले चरण का अहम हिस्सा बताया। पीएम मोदी ने समझाया कि भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का विस्तार अचानक नहीं हुआ। यह उस इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति का अगला कदम है जो पिछले एक दशक में भारत में आई है। पहले प्रोडक्ट, फिर कंपोनेंट्स और अब सेमीकंडक्टर। यानी इलेक्ट्रॉनिक्स की पूरी ‘वैल्यू चेन’ भारत में होगी। यही विकसित भारत का रोडमैप है। यही ‘मेक इन इंडिया’ का अगला चरण है।



