साथ ही देसी उपजों का परम्परागत रुप से प्रसंस्करण कर उन्हें मार्केट में उपलब्ध करा रहा है। मुख्यमंत्री ने श्री तरुण साहू और उनके स्टार्ट अप द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
श्री साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके (maarketing staartap ) स्टार्टअप द्वारा धान, दालों की देसी किस्मों की पैकेजिंग और बिक्री का कार्य एक वर्ष से किया जा रहा हैै। देसी किस्मों की खुशबू, स्वाद और गुणवत्ता के कारण लोग इन किस्मों को हाथों-हाथ ले रहे हैं।
फसलों की हाईब्रिड किस्मों में उत्पादन तो ज्यादा होता है, लेकिन ऐसा स्वाद और खुशबू नहीं रहती। उन्होंने यह भी बताया कि नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में उन्होंने स्टॉल लगाया था, जहां लोगों के बीच उनके उत्पाद काफी लोकप्रिय हुए। इस ट्रेड फेयर में हर माह 3-3 टन कोदो-कुटकी की सप्लाई का आर्डर प्राप्त हुआ है।
कृषि युग स्टार्ट अप द्वारा स्थानीय किसानों को जोड़कर उन्हें देसी किस्मों की जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। (maarketing staartap )स्टार्ट अप द्वारा धान की दुबराज, छत्तीसगढ़ देवभोग, जवाफूल, जीराफूल, लोकतीमांझी, तेलकस्तुरी, समुनचीन, ब्लैक राइस सहित अरहर और कोदो-कुटकी की देसी किस्मों के उत्पादन और मार्केटिंग का काम किया जा रहा है। इस अवसर पर कृषि विभाग के संयुक्त संचालक श्री आर. एल. खरे भी उपस्थित थे।
]]>कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने इलाकों में लगातार बीज, खाद और औषधियों के सेम्पल ले रहे हैं, जिसकी (Aaushadhiyon ki janch) जांच गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में की जा रही है।
रबी सीजन 2021 में अब तक बीज के 39 नमूने तथा रसायनिक उर्वरक के 12 नमूने अमानक पाए गए हैं, जिनके लाट के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के साथ ही संबंधित फर्मों को कृषि विभाग द्वारा नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार रबी सीजन 2021 में बीज के अब तक 744 नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे गए हैं। विभाग को प्राप्त 664 सैम्पलों की जांच में से 39 सैम्पल अमानक पाए गए हैं, 80 सेम्पल की रिपोर्ट अभी प्राप्त होना शेष है।
इसी तरह रसायनिक उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच-पड़ताल के लिए कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा 314 नमूने विभिन्न संस्थानों से लिए गए हैं, जिसमें से 268 नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिसमें से 256 नमूने मानक स्तर के तथा 12 अमानक पाए गए हैं।
42 नमूनों की (Aaushadhiyon ki janch) जांच रिपोर्ट प्राप्त होना शेष है। अमानक बीज एवं खाद के लाट के विक्रय को विभाग द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के साथ संबंधित संस्थाओं को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।
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