मुख्यमंत्री ने हरित एवं टिकाऊ अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर दिया जोर
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य जहां ग्रीन काउंसिल गठित की गई
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ ग्रीन काउंसिल की प्रथम बैठक
मुख्यमंत्री ने कहा- रि-जनरेटिव डेव्हलपमेंट अधिक प्रगतिशील अवधारणा
बैठक में जैविक उत्पादों के मार्केट लिंकेज, स्व-सहायता समूहों की क्षमता निर्माण, स्थानीय लोगों को जोड़कर आर्थिक मूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर हुआ विचार-विमर्श
रायपुर, 3 जनवरी, 2022 । (green council ) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में प्रदेश में रि-जनरेटिव डेव्हलपमेंट को गति प्रदान करने के लिए गठित छत्तीसगढ़ ( green council ) ग्रीन काउंसिल की प्रथम बैठक आयोजित की गई। ग्रीन काउंसिल के माध्यम से राज्य में हरित एवं टिकाऊ अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के प्रयास किए जाएंगे। रि-जनरेटिव डेव्हलपमेंट (पुनरूत्पादन विकास), सस्टेनेबल डेव्हलपमेंट से अधिक प्रगतिशील अवधारणा है जिसमें उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग के साथ-साथ संसाधनों की गुणवत्ता को बढ़ाने के साथ न्यू एज ग्रीन ईकोनॉमी के तहत लाईवलीहुड से स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि के लिए कार्य किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की हरित राज्य के रूप में ब्रांडिंग, जैविक उत्पादों के मार्केट लिंकेज, प्रशिक्षण के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की क्षमता निर्माण, जिलों की विशेषता के अनुसार विकास और स्थानीय निवासियों को जोड़कर आर्थिक मूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सम्भवतः देश का पहला राज्य है, जहां ग्रीन काउंसिल का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले तीन वर्षों के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्यावरण हितैषी अनेक योजनाएं जैसे सुराजी गांव योजना के अंतर्गत नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना, गोधन न्याय योजना, गौठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने का कार्य, फसल कटाई के बाद खेतो में बचे पैरे को एकत्र कर उसका मवेशियों के चारे के रूप में उपयोग को प्रोत्साहित करना, , जो पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण को गति दे रही हैं। इन योजनाओं की देश-विदेश में सराहना की जा रही है।
( green council )मुख्यमंत्री ने बैठक में कार्बन उत्सर्जन के संबंध में कहा कि छत्तीसगढ़ में वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से हम जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। पराली न जलाकर उसका उपयोग चारे के रूप में करने से कार्बन उत्सर्जन (प्रदूषण) में कमी ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ सिक्किम के बाद दूसरा जैविक राज्य साबित हो सकता है। बघेल ने बैठक में कहा कि स्व-सहायता समूहों द्वारा जो उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, उनकी मार्केटिंग और प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ में विशेषज्ञ कम्पनियों की सेवाओं को लेने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि बहुत से स्व-सहायता समूह बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं।
उन्हें प्रशिक्षण देकर नया कौशल सिखाया जा सकता है। उन्होंने इस परिप्रेक्ष्य में कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से सोलर पैनल और जड़ी-बूटियों से वनौषधियां तैयार कराई जा सकती है। कोरबा में वनौषधियों के क्षेत्र में स्व-सहायता समूह अच्छा कार्य कर रहे हैं। वनौषधियों का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा बाजार है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की ब्रांडिंग की दिशा में भी प्रयास करने के निर्देश दिए। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में इस तरह का प्रगतिशील कदम उठाने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य होगा।
बैठक में वन मंत्री मोहम्मद अकबर, कृषि मंत्री ,रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव वन और उद्योग मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रबंध संचालक राज्य लघुवनोपज संघ संजय शुक्ला, सचिव वन प्रेमकुमार, स्वनीति इनीशिएटिव टीम के सदस्य तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
( naya saal) उन्होंने चिल्फी में सभी का आत्मीय अभिनंदन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री बघेल व प्रदेश के कृषि मंत्री चौबे प्रदेश के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल सरोदादार पहुंचे। वहां बिहान महिला स्व-सहायता समूह के बहनों ने मुख्यमंत्री बघेल व कृषि मंत्री चौबे का तिलक लगाकर स्वागत किया। विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति के नर्तक दलों ने अपने पारंपरिक वेश-भूषा में नृत्य कर मुख्यमंत्री का स्वागत और अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पर्यटन स्थल सरोदा दादर का अवलोकन करते हुए कबीरधाम जिले की शंात और मनमोहक वादियों की तारीफ की। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रदेश वासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हमने रायपुर राजधानी में श्रमिक भाई-बहनों के बीच पहुंच कर अपना नया वर्ष की शुरूआत की है।
उन्हांेने बताया कि नववर्ष पर श्रमवीरों को सौगात देते हुए भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत भगिनी प्रसूति सहायता योजना में सहायता राशि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए करने की घोषणा की है। स्वच्छता कर्मियों की मेहनत से छत्तीसगढ़ को लगातार तीसरी बार देश के सबसे स्वच्छ राज्य का पुरस्कार मिला है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने स्वच्छता कर्मियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के श्रम के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा की नये वर्ष में बुजुर्गों और हमारे पुरोधा, हमारे महापुरूषों के सपनों को साकार करना ही हमारे नए वर्ष का संकल्प है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि हमारी सरकार बनने के बाद किसानों को हमने दाम दिया। किसानों के धान की समर्थन मूल्य और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की इनपुट सब्सिडी पर खरीद की जा रही है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में लिए गए फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि उद्योगों में कार्यरत मजदूर की उम्र 58 साल से बढ़ाकर 60 साल की गई है, इससे लगभग 4 लाख श्रमिकों को अतिरिक्त 2 वर्ष का लाभ मिला है।
( naya saal ) वही मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना और असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में पंजीकृत निर्माण श्रमिक एवं असंगठित कर्मकार की मृत्यु पर एक लाख रुपये एवं दिव्यांगता पर 50 हजार की राशि दी जा रही है। विभिन्न योजनाओं में 16 लाख से अधिक श्रमिकों को लगभग 284 करोड़ रुपए की सहायता सहायता पहुंचाई गई है।
]]>राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोक महोत्सव एवं जयंती समारोह
में मुख्यमंत्री ने की अनेक घोषणाएं
ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
रायपुर, 1 जनवरी । ghoshana मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बेमेतरा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय नवागढ़ में आयोजित चार दिवसीय राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोक महोत्सव एवं जयंती समारोह एवं ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत नवागढ़ को नगर पालिका का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होने नवागढ़ अस्पताल का 50 बिस्तर अस्पताल के रूप में उन्नयन करने, संबलपुर में पुलिस चौकी एवं नवागढ़ के जोड़ा जैतखाम को विकसित करने एक करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा मुख्य मंच से की। समारोह में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, स्थानीय विधायक एवं संसदीय सचिव गुरुदयाल सिंह बंजारे, विधायक बेमेतरा आशीष कुमार छाबड़ा भी उपस्थित थे।
ghoshana मुख्यमंत्री बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने सत के मार्ग पर चलते हुए समाज के अंधकार को दूर करने का प्रयास किया है। छत्तीसगढ़ की धरती में गुरु बाबा अवतरित हुए और छत्तीसगढ़ी बोली में जन-जन तक अपना संदेश पहुंचाया। समानता, समाजिक समरसता का संदेश देकर बाबा ने मानव समाज को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य किया। बाबा ने सूत्र वाक्य दिया मनखे-मनखे एक समान, मानव-मानव में कोई भेदभाव नहीं है, सब समान हैं। इसके अलावा उन्होंने सत्य ही ईश्वर है और ईश्वर ही सत्य है का संदेश दिये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बाबा गुरु घासीदास एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चल रही है और प्रदेश के सभी वर्गों की भलाई के लिए कार्य करते हुए जनता की सेवा कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाजिक समरसता छत्तीसगढ़ की पहचान है, छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, प्रदेश में वैमनस्यता एवं अशांति फैलाने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि तत्कालीन समाज में व्याप्त अंधकार एवं बुराईयों को दूर करने अनेक संत महात्माओं ने जन्म लिया इनमे गुरु नानकदेव, संत कबीर, महावीर स्वामी एवं बाबा गुरु घासीदास जैसे अनेक संतों ने समाज को एक नई राह दिखाई और पूरी मानवता की भलाई के लिए कार्य किया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में भी प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न वर्गों के लिए संचालित योजनाओं को जारी रखा गया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना अन्तर्गत किसानों के बैंक खाते में राशि अंतरित की गई। इसके अलावा भूमिहीन लोगों को सालाना 6000 रूपए की राशि देने के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना प्रारंभ की जा रही है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को नये साल की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती में परमपूज्य बाबा गुरु घासीदास का अवतरण हुआ, जिन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, भेद-भाव, असमानता को दूर करने का प्रयास किया। बाबा ने जीवन भर तपस्या कर पूरी मानवता को एकता, प्रेम, भाईचारे का संदेश दिया। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018 में 17 दिसम्बर को शपथ ग्रहण कर बाबा की जयंती 18 दिसम्बर से कार्य करना शुरु किया। सबसे पहले किसानों का कर्ज माफी शपथ ग्रहण के दिन दो घण्टे के भीतर ही कार्यवाही पूरी की। प्रदेश सरकार बाबा के बताये मार्ग पर लोगों की सेवा कर रही है। गृहमंत्री ने आम नागरिकों को नये साल की शुभकामनाएं दी।
कृषि मंत्री श्री चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने तीन वर्ष के भीतर आम लोगों की भलाई के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाकर लोगों के जीवन में खुशहाली लाने का कार्य किया है। बाबा के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ देश का सबसे समृद्ध एवं खुशहाल राज्य बनेगा। ghoshana किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के साथ अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। सरकार द्वारा किसानों का कर्जा माफी की कार्यवाही की गई। बाबा ने समाजिक समरसता, प्रेम, भाईचारे का संदेश दिया। कृषि मंत्री ने लोगों को एक जनवरी नया साल की बधाई दी। स्थानीय विधायक एवं संसदीय सचिव गुरुदयाल बन्जारे एवं बेमेतरा विधायक श्री आशीष छाबड़ा ने भी अपने विचार व्यक्त किये। समारोह में मुख्यमंत्री ने ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता के विजेता पंथी दल को पुरस्कार वितरित किए। प्रथम पुरस्कार एक लाख 51 हजार, द्वितीय पुरस्कार एक लाख एक हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 75 हजार रुपये एवं स्पर्धा में शामिल पंथी नृत्य दलों को 3100 रुपये सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर बेमेतरा श्री विलास भोसकर संदीपान, एसपी श्री धर्मेन्द्र सिंह सहित ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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