सूरजपुर,8 दिसंबर | Dhan Kharidi सरगुजा आईजी अजय यादव ने सूरजपुर जिले के सिलफिली धान खरीदी केंद्र के व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने धान खरीदी केंद्रों में किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने किए गए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
किसान पंजीयन से लेकर टोकन व्यवस्था, किसान रकबा, पंजीकृत किसानों की संख्या, वर्तमान तक कितने किसान धान की बिक्री कर चुके हैं तथा प्राथमिकता के आधार पर खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा।
उन्होंने धान बिक्री करने आए किसानों के धान (Dhan Kharidi) को तौल मापी यंत्र एवं धान को आद्रता मापी यंत्र से परीक्षण किया। तौल एवं आद्रता सही पाया गया। और धान का उठाव सही समय में करने के निर्देश दिए।
वे उपस्थित किसानों से समस्याओं के संबंध में भी बातचीत की तथा किसानों के समस्या एवं जरूरतों को निराकरण करने निर्देशित किया।उन्होंने किसानों के ऋण पुस्तिका का भी अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता, एसडीएम रवि सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रबेस सिसोदिया सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
सरगुजा आईजी यादव ने धान खरीदी (Dhan Kharidi) केंद्र के तौल मापी यंत्र, आद्रता मापी यंत्र, बरदाना व्यवस्था ,हमाल व्यवस्था, टोकन व्यवस्था, डेनेज एवं स्टैकिंग व्यवस्था, तिरपाल, पानी एवं बिजली व्यवस्था, कंप्यूटर, जनरेटर सहित अन्य व्यवस्थाओं से अवगत हुए एवं सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। तथा धान उठाव की जानकारी ली।
]]>अहम रहीत सरल व्यवहार होना आवश्यक है सफल व्यक्ति बनने के लिए… कलेक्टर
जीवन के लक्ष्य को एक चौलन्ज की तरह लें जीवन में हर चीज आसान होती है… एसपी
सूरजपुर,8 दिसम्बर | Prerdna Samvaad Karykaram : भविष्य दृष्टि-युवा सृष्टि कार्यक्रम के दूसरे दिन शा.उ.मा.वि. सिलफिली स्कूल प्रांगण में सरगुजा आईजी अजय यादव की मुख्य आतिथ्यि में हुआ, जिसमें मुख्य रूप से कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधिक्षक भावना गुप्ता के उपस्थिति में माँ सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण करते हुए दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई।
सरगुजा आईजी अजय यादव ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिले के कलेक्टर बधाई के पात्र हैं, जिले के प्रशासनीक अधिकारी बच्चों को लक्ष्य देने के लिए यह आयोजन किया है यह सराहनीय कार्य है। आभाषी संवाद, भविष्य संवाद, विद्या संवाद एवं प्रेरणा संवाद चालू किया है। उसमें ही आपको बहुत कुछ मिल जायेगा। सबसे पहले उन्होंने बच्चों से यह जानने का प्रयास किया कि कौन किस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहता है। उन्होंने हर क्षेत्र के बारे में बच्चों को बताया कि आप जिस भी क्षेत्र में जाऐंगे वह क्षेत्र मेहनत मांगती है। आपको वहां पर अपना 100 प्रतिशत मेहनत देने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि ऐसा कहा जाता कि 70 प्रतिशत कर्म और 30 प्रतिशत नसीब के ऊपर होता है, उन्होंने 100 प्रतिशत मेहनत देने करने बच्चों को कहा। उसको सफलता मिलती है पर आज की परिस्थितियां कुछ और है आज श्रेष्ठ नहीं बल्कि सर्वश्रेष्ठ की लड़ाई है। जिसे आपको पार करना है। तभी आपको सफलता मिलेगी। समय बदलता है, लोग बदलते है। लेकिन आप ने अपनी जीवन में अगर किताबों से दोस्ती कर लें तो यह आदत कभी नहीं बदलगी।
किताबें मनुष्य जीवन की सबसे अच्छी दोस्त होती है। आपको जिस भी फिल्ड में जाना है उसकी आधारभूत ज्ञान आपको होना चाहिए। उन्होंने बच्चों को कहा आप सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करे, ब्रम्ह मुहूर्त पढ़ाई के लिए अच्छा माना गया है। आप अपने लिए पढ़ाई करें, दिखावे के लिए पढ़ाई न करें, अपने आप से वादा करें कि मुझे क्या बनना है।
यह आपको ही तय करना। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार से लोग ग्रामीण इलाके के लोग मेहनत करके आज बड़े पदों आसीन हुए हैं। उन्होंने बताया कि मैं खुद बस्तर जैसे नक्सली इलाके से आता हूं। आज मेहनत कर यहां तक पहुंचा हूं।
बताया कि वह स्वयं संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। तो उन्हें लगा कि वह मध्यप्रदेश की पीएससी परीक्षा पास करे लेंगे पर वे असफल रहे और वहीं से उन्होंने ठान लिया कि अगले वर्ष मुझे परीक्षा पास करनी ही है, उसकी तैयारी में जुट गये। सकारात्मक सोच और कठिन मेहनत से उन्होंने एक नहीं बल्कि तीन परीक्षाए एक वर्ष में निकाल लिये।
बताने का उद्देश्य यह था कि असफलता से डरे नहीं बल्कि दुगनी मेहनत से उसे पाने की लालसा रखें सफलता आपकी कदम चुमेगी। साथ ही सरगुजा आईजी ने बताया कि आईएएस, आईपीएस बनने के लिए अखबारों का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण होता है।
कलेक्टर ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अभी आपकी उम्र जिस मोड़ पर है वहीं से अपना रास्ता चुन सकते है। आपके पास अभी दो विकल्प है एक आराम वाला और एक है मेहनत वाला । यह आपको तय करना कि अभी आपको मेहनता वाला कोटा का उपयोग करना या आराम वाला का । जो आराम करेगा आराम ही करता रह जाएगा। और जो मेहनत करेगा वो आप में से ही कोई न कोई बड़ा अधिकारी बन जायेगा, और आप से ही कोई उस अधिकारी से काम मांगने वाला बन जायेगा।
आपको तय करना है आपको क्या करना है। लक्ष्य का निर्धारण करों वो तो इतना बड़ा निर्धारण करों, जिससे वहां अगर न भी सफलता मिले तो कम से कम उस लक्ष्य से नीचे वाले जो लक्ष्य हैं वो मिल जायें। इसलिए लक्ष्य का निर्धारण बड़ा हो, जानने की प्यास होनी चाहिए, जिज्ञासा होनी चाहिए, अटूट मेहनत होनी चाहिए, सकारात्मक दृष्टिकोण होनी चाहिए, सरल सहज अहम रहित व्यवहार होना चाहिए।
आने वाला समय प्रतिस्पर्धा का समय है आज श्रेष्ठता का समय नहीं है आपको आगे बढ़ना है तो सर्वश्रेष्ठता में अपना नाम अंकित करना है। हमको आज ही तय करना है कि हमें अपने जीवन में आईएएस, आईपीए, या एक अच्छा टीचर, अच्छा इंजीनियर, अच्छा वैज्ञानिक बनना है, और कुछ नहीं बनाना है तो देश का एक अच्छा नागरिक बनना है।
जीवन के लक्ष्य को एक चौलन्ज की तरह लें जीवन में हर चीज आसान होती है… एसपी
पुलिस अधिक्षक भावना गुप्ता ने बच्चों को बताया कि आप हमेशा खुद को चौलेन्ज करें, हमारी क्षमता अपार होती है लेकिन हमारा मन कहता है कि हम नहीं कर पायेंगे। ऐसा नहीं है। आपको केवल आगे बढ़ना है।
जो चीज आपको कठिन लगती है उसे अवश्य करें कुछ दिन बाद वह आसान लगने लगती है। आपको असफलता से परेशान नहीं होना है। क्योंकि आपको असफलता ही सफलता की राह दिखाऐगी।
कार्यक्रम में बच्चों ने बहुत से जिज्ञासु सवाल पूछे, जिनका उत्तर अधिकारियों ने बड़ी सहजता और सरलता से दिया। वे भी उनके ही समान छोटे विद्यालय से पढ़कर, मेहनत कर, सफलता हासिल किय हैं। बच्चों एक सवाल पूछा पर कि आत्मरक्षा के लिए क्या करें।
इस पर पुलिस अधिक्षक ने बताया कि आने वाले सप्ताह में हिम्मत कार्यक्रम के तहत् सभी बच्चियों को आत्मरक्षा के लिए विशेष कार्यक्रम कर सबको प्रशिक्षित किया जाएगा।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक हरीश राठौर, एसडीएम रवि सिंह, डीपीओ चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया, सहा. आयुक्त के. विश्वनाथ रेड्डी, डीईओ विनोद राय, डीएमसी शशिकांत सिंह, नायब तहसीलदार हिना टण्डन, श्रम अधिकारी घनश्याम पाणीग्राही, बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल, प्रचार्य नवीन जायसवाल, सत्यम बालाजी व्याख्याता, विनीता यायदव, अमलचन्द्र दास, संत्येन्द्रू शुक्ला, शंहशांह आलम, जुगेश्वर सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का मंच संचालन निशा सिंह ने व आभार व्यक्त एसडीएम रवि सिंह ने किया।
रिपोर्टर :- Hasim Khan (Surajpur)
]]>बीते 3 साल में लिए गए क्रांतिकारी फैसले: किसान हुए खुशहाल
छत्तीसगढ़ की मौसम और जलवायु के साथ-साथ लगभग 80 प्रतिशत लोगों की खेती-किसानी पर निर्भरता को देखते हुए नई सरकार ने खेती-किसानी को लाभकारी बनाने का निर्णय लिया। खेती-किसानी में आधुनिक तौर-तरीके के इस्तेमाल और किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इनपुट सब्सिडी देने का फैसला क्रांतिकारी सिद्ध हुआ। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में इन 36 माह में समर्थन मूल्य में धान खरीदी का साल दर साल नए कीर्तिमान बनते गए।
भूपेश बघेल के नेतृत्व में किसान हितैषी फैसले से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में किसान हितैषी फैसलों और निर्णयों से महज 36 माह में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर खेती-किसानी करने के लिए सहकारी समिति से ऋण और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ-साथ इनपुट सब्सिडी दिया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में रिकॉर्ड 92 लाख मीटरिक टन धान खरीदी की गई। जिससे किसानों में खुशहाली देखने को मिला। ऐसे किसान जो खेती किसानी की उम्मीद छोड़ चुके थे। उनमे नई उम्मीदें जगी और वे दोबारा खेती की ओर अग्रसर होने लगे हैं।
बढ़ा खेती-किसानी का रकबा, बढ़ी आमदनी
राज्य में कुल कृषि का रकबा बढ़कर 29.85 लाख हेक्टेयर हो गया है। किसानों की माली हालत में भी काफी सुधार हुआ है। राज्य के किसान अब बेहतर ढंग से खेती-किसानी करने लगे हैं इसकी बानगी चालू खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान बेचने के लिए किसानों के पंजीकरण से देखा जा सकता है। इस वर्ष राज्य में 24 लाख 9 हजार 453 किसानों ने पंजीयन कराया है।
छत्तीसगढ़ के इतिहास में चालू खरीफ सीजन में 105 लाख मीटरिक टन धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी का अनुमान है। राज्य सरकार के द्वारा किसानों से न केवल खरीदी की सुनिश्चित व्यवस्था की है, बल्कि उन्हें तत्काल भुगतान की व्यवस्था भी की गई है। किसानों को उनके बैंक खातों के जरिये ऑनलाईन भुगतान किया जा रहा है। धान खरीदी को लेकर किसी भी किसान को दिक्कत न हो इसके लिए सभी कलेक्टरों को निदेश दिए गए हैं।
धान खरीदी का साल दर साल बन रहा नया कीर्तिमान
चालू खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के तहत समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की नकद एवं लिंकिंग के माध्यम सें खरीदी एक दिसम्बर 2021 से 31 जनवरी 2022 तक तथा मक्का की खरीदी एक दिसम्बर 2021 से 28 फरवरी 2022 तक की जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के लिए औसत अच्छी किस्म के धान के लिए समर्थन मूल्य की दर, धान कॉमन 1940 रूपए प्रति क्विंटल, धान ग्रेड ए 1960 रूपए प्रति क्विंटल तथा औसत अच्छी किस्म के मक्का का समर्थन मूल्य 1870 रूपए प्रति क्विंटल का दर निर्धारित है।
राज्य सरकार द्वारा खेती-किसानी को लगातार बढ़ावा दिए जाने के फलस्वरूप इस वर्ष खरीफ सीजन में करीब 48 लाख 20 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में विभिन्न् फसलों की बोनी हुई है। इनमें धान के अलावा दलहन, तिलहन, मक्का, सोयाबीन की फसल शामिल है। राज्य में 3.42 लाख हेक्टेयर में दलहन, 2 लाख हेक्टेयर में तिलहन, 1.50 लाख हेक्टेयर में साग-सब्जियों की खेती की गई है।
सरकार की किसान हितैषी नीतियां
भूपेश सरकार के नेतृत्व में किसानों के हित में फैसला लेते हुए किसानों के अल्पकालीन कृषि ऋण लगभग 10 हजार करोड़ रूपए माफ किया गया, वहीं किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर अंतर की राशि सब्सिडी अनुदान राजीव गांधी न्याय योजना के माध्यम से देकर सीधे किसानों के जेब में पैसे डालने का काम किया। यही कारण है कि देश और दुनिया में आर्थिक मंदी होने के बावजूद भी छत्तीसगढ़ में इसका प्रभाव नहीं पड़ा।
सरकार की किसान हितैषी नीतियों से इन तीन सालों में छत्तीसगढ़ राज्य में खेती-किसानी खूब फली-फूली और समृद्ध हुई है। पहले साल लगभग 83 लाख मीटरिक टन धान खरीदी की गई इसी प्रकार दूसरे साल रिकॉर्ड 92 लाख मीटरिक टन धान खरीदी हुई। इस वर्ष 105 लाख मीटरिक टन धान खरीदी की उम्मीद है। सरकार की इन नीतिगत फैसलों और कार्यों से समाज के सभी वर्गो का न्याय के साथ निरंतर विकास हो रहा है। गरीब, मजदूर, किसान, व्यापारी इन सभी वर्गो के हित में किए जा रहे कार्यों से नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का सपना साकार हो रहा है।
]]>रायपुर, 02 दिसम्बर | ( Dhan Kharidi) छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय मुख़्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने धान खरीदी केंद्रों पर औचक निरीक्षण के लिए प्रशानिक अधिकारीयों को नैतिक जिम्मेदारियां देते हुए उनसे अपेक्षा की है की किसी भी तरह से आर्थिक अनिमितताएं न बरती जाए। नहीं तो धान ख़रीदी केंद्रों के अधिकारीयों की जवाबदारी होग। इसी को मद्दे नजर रखते हुए बस्तर आयुक्त ने धान खरीदी खरीदी अधिकारीयों को चेतावनी दी। की किसी भी तरह की नाप तोल सम्बन्धी शिकायतें मुझ तक न पहुंचें।
धान बेचने आए किसानों को कोई असुविधा न हो इस बात को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान खरीदी के लिए उपार्जन केन्द्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं और व्यवस्था करने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री बघेल के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी धान खरीदी के पहले दिन से मुस्तैद रहे और उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसी कड़ी में बस्तर कमिश्नर जी.आर. चुरेंद्र ने बुधवार की शाम को जगदलपुर के बड़े मुरमा और नानगुर धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और धान खरीदी की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर खरीदी कार्य को सुचारू संचालन के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर केंद्रीय सहकारी बैंक, कृषि, खाद्य विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
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