जनरल बिपिन रावत का पार्थिव शरीर उनके आवास से बरार स्क्वायर ले जाया जा रहा है. अंतिम संस्कार के वक्त उन्हें 17 तोपों की सलामी दी जाएगी. इस दौरान 800 जवान यहां मौजूद रहेंगे.
CDS (Chief of Defense staff) बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत की बेटियां कृतिका और तारिनी ने अपने माता-पिता को अंतिम श्रद्धांजलि दी.
आज सुबह ही जनरल रावत (General Bipin Rawat) और उनकी पत्नी का शव उनके शासकीय आवास पर पहुंचाया गया. जहां आम लोगों ने अपने वीर का अंतिम दर्शन कर श्रद्धंजलि दी।
इसके अलावा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिव एनवी रमन्ना, किसान नेता राकेश टिकैत ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, तमाम केंद्रीय मंत्रियों, समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव समेत कई नेताओं ने भी श्रद्धंजलि दी।
]]>घने जंगल में हुये इस हादसे के बाद क्रैश हेलीकॉप्टर (Helicopter Crash) में आग लग गई. ये हेलीकॉप्टर सुलुर एयर बेस से वेलिंगटन जा रहा था. जो लैंडिंग स्पॉट से महज 10 किलोमीटर पर क्रैश हो गया.
जिसमें CDS बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत 13 लोग सवार थे. इस (Helicopter Crash) हादसे कि पुष्टि भारतीय वायु सेना ने ट्वीट कर की. इस हादसे ने भारत के असाधारण योद्धा को छीन लिया.
इस गंभीर दुर्घटना के बाद दिल्ली में तेजी से हलचल मच गई. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हादसे की जानकारी प्रधानमंत्री को दी. इसके बाद फौरन एक मीटिंग बुलाई गई मीटिंग होते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जनरल रावत के घर उनके परिवार से मिलने पहुंचे.
बाद में सेना प्रमुख जनरल नरवड़े भी CDS बिपिन रावत के घर पहुंचे. अचानक हुए इस गंभीर हादसे के बाद बने हालात पर शाम को प्रधानमंत्री आवास पर CCS आपात बैठक बुलाई गई.
जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ थे. जिन्होंने सबसे पहले 1 जनवरी 2020 को CDS का पद संभाला था. बिपिन रावत 31 दिसंबर 2016 से 31 दिसंबर 2019 तक सेना प्रमुख के पद पर थे.
रावत के निधन पर देश के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री रक्षा मंत्री समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने गहरा दु:ख जताते हुए श्रद्धांजलि दी है. इस गंभीर हादसे से देश स्तब्ध हो गया है, और दुखी भी.
इस हादसे ने एक बार फिर कई सवाल और शंकाओं को घेरे में खड़ा कर दिया है. क्योंकि जिस तरह से उस एयरक्राफ्ट पर देश के CDS सवार हुये होंगे.
उनकी उड़ान से पहले सभी प्रोटोकॉल को पुख्ता तौर से जाँच किया गया होगा. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि इतनी सुरक्षित और भरोसेमंद एयरक्राफ्ट आखिर क्रैश कैसे हो गया.
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