( Rajeev gandhI gramin bhoomihin kirshi majadoor nyaay yojana )इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, विनोद वर्मा और राजेश तिवारी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्ले और सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव वित्त अलरमेल मंगई डी., राजस्व सचिव एन.एन.एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने शहरी किरायेदार को भूमिस्वामी हक पर मकान उपलब्ध कराने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्यवाई के निर्देश दिए। उन्होंनेे शहरी क्षेत्रों में निवासरत आवासहीनों को मकान मुहैया कराये जाने के उद्देश्य से प्राइवेट कालोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) के लिए आरक्षित भूमि का उपयोग इन वर्गों के लिए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को मार्केट से लिंकेज उपलब्ध कराया जाना चाहिए। ताकि उन्हें अच्छा बाजार मिले और महिलाओं की आय में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने कहा कि मार्केट सर्वे कर यह जानकारी ली जाए कि बाजार में किन वस्तुओं की मांग है। मांग के आधार पर गौठानों में महिला समूहों द्वारा उत्पाद तैयार कराए जाएं। श्री बघेल ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में महिला समूहों को सोलर पैनल तैयार करने का प्रशिक्षण देकर उनसे सोलर पैनल तैयार कराये जाएं। हालर और पेराई के लिए एक्सपेलर जैसी मशीनें अनुदान पर स्व-सहायता समूहों को उपलब्ध कराई जाए।
कौशल विकास योजना के अंतर्गत युवाओं को ऐसे ट्रेड में प्रशिक्षित किया जाए, जिनमें रोजगार के अच्छे अवसर हैं और जिनकी अच्छी मांग है।
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के लंबित प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नारंगी वनों के संयुक्त सर्वे का कार्य जल्द पूरा करने और नारंगी वनों को डिनोटिफाई करने के लिए भूमि के चिन्हांकन कर ( Rajeev gandhI gramin bhoomihin kirshi majadoor nyaay yojana )राजस्व भूमि में परिवर्तित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा और इसके लिए राजस्व और वन विभाग की अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
गोबर विक्रेताओं को आज जारी की गई राशि को मिलाकर अब तक उन्हें 119.41 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह गौठान समितियों को अब तक 42.73 करोड़ रूपए तथा महिला स्व-सहायता समूहों 27.99 करोड़ रूपए राशि लाभांश के रूप में दी जा चुकी है।

( Godhan nyaay yojana )इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, विनोद वर्मा और राजेश तिवारी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्ले और सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर, 24 दिसम्बर | Parivahan Vibhag : छत्तीसगढ़ के सभी परिवहन कार्यालयों में सेंसर आधारित आटोमेटेड कम्प्यूटराईज्ड ड्राइविंग टेस्ट ट्रेक बनाए जाएंगे। ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए वाहन चालकों को इस कम्प्यूटराईज्ड ड्राइविंग टेस्ट को पास करना होगा।
मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में (Parivahan Vibhag) परिवहन विभाग की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवहन विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा, अपर परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा सहित ड्राइविंग टेस्ट ट्रेक स्थापना के कार्य में लगे कम्पनी के सदस्य उपस्थित थे।
बैठक में राज्य के सभी जिलों में आटोमेटेड कम्प्यूटराईज्ड ड्रायविंग टेस्ट ट्रेक का निर्माण किए जाने पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव जैन ने वाहनों के पार्किंग प्रक्रिया को ड्राइविंग टेस्ट में अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए है।
बैठक में (Parivahan Vibhag) परिवहन विभाग के अपर आयुक्त काबरा ने बताया कि आटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट से सड़क हादसों में कमी आएगी। ड्राइविंग टेस्ट के सभी चरणों को सफलतापूर्वक पास करने वाले वाहन चालकों के ही ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाएंगे।
दिल्ली और गुजरात राज्य में आटोमेडेट ड्राइविंग टेस्ट ट्रेक के सफल परिणामों के देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य में भी इसे अपनाया जाएगा। काबरा ने टेस्ट ट्रेक निर्माण के संबंध में विभिन्न प्रक्रियाओं के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
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