जाबो कार्यक्रम के तहत की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी के लिए 1 जनवरी 2022 को विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों की बैठक सभी मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा ली जाएगी। ( matadaata jaagarookata ) स्वच्छ मतदान पत्र प्रेषण का कार्य 03 जनवरी को सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी के विद्यार्थियों द्वारा अपने परिवार के सदस्यांे को निष्पक्ष, निर्भिक, प्रलोभन रहित मतदान के लिए प्रेरित करने हेतु पत्र लेखन किया जाएगा।
इसी तरह रंगोली के माध्यम से मतदान संदेश हेतु 04 जनवरी से 06 जनवरी तक सभी ऑगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा जागव बोटर 2022 स्थानीय निर्वाचन में निष्पक्ष निर्भिक एवं प्रलोभन रहित मतदान के लिए मतदान जागरूकता के तहत रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन करेंगे।
चित्रपटल पर मतदान संदेश (कैनवास मैसेजिंग) का कार्य 05 जनवरी से 17 जनवरी तक किया जाएगा। जिसमें सार्वजनिक स्थल में ड्राइंग शीट में मतदाता संदेश लिखवाया जाएगा। ( matadaata jaagarookata ) इनमें आम नागरिकों द्वारा मतदान संदेश लिखकर उनका हस्ताक्षर कराया जाएगा। इससे जागरूकता के साथ-साथ सहभागिता एवं प्रोत्साहन भी बढ़ेगी।
विकासखण्ड के प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक आदि 07 जनवरी को बैठक आयोजित कर मतदाताओं को एक निश्चित स्थान में एकत्रित कर मतदान शपथ करायंेगे। 08 जनवरी को प्रेरक समूह द्वारा ग्राम भ्रमण करते हुए लोकगीत के माध्यम से मतदान जागरूकता संदेश दिया जाएगा। समस्त विद्यालय एवं महाविद्यालय में एन.एस.एस. प्रभारियों के माध्यम से 10 जनवरी को चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन, 11 जनवरी को नारा लेखन, 12 जनवरी को मतदान रैली, 13 जनवरी को नुक्कड़ नाटक सभा निर्वाचक क्लब आदि के माध्यम से किया जाएगा।
समस्त विद्यालय एवं महाविद्यालय में 3 जनवरी से 17 जनवरी तक निर्वाचक साक्षरता क्लब गठित द्वारा मतदाता जागरूकता गतिविधि संचालित करेंगे। 14 जनवरी को विकासखण्ड के विभिन्न विभागों द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में मतदान संदेश का प्रेषण एवं 17 जनवरी को छेरछेरा में मतदाताओं को मतदान करने के लिए अपील रैली का आयोजन किया जाएगा।
]]>कोरबा, 14 दिसंबर | Better option for self Employment : प्रोजेक्ट उन्नति के तहत जिले के पंडरीपानी गांव की नीलू कंवर कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने सपनों को नया आयाम दे रही हैं। नीलू ने बताया कि प्रोजेक्ट उन्नति से मुझे अपने घर में ही स्वरोजगार का बेहतर विकल्प मिला है।
आज मुझे लोग टेलर दीदी के नाम से बुलाते हैं। सुनकर खुशी होती है, ऐसा लगता है मुझे एक नया जीवन और एक नई पहचान मिली है.
20 वर्षीय नीलू कंवर के पिता जयलाल कंवर गांव में ही खेती किसानी का काम करते हैं. नीलू भी अपने माता-पिता के साथ खेती-किसानी में हाथ बंटाती थी। कृषि कार्य से प्राप्त आय परिवार के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं था।
ऐसी स्थिति में नीलू कंवर ने अपनी रूचि के अनुसार आत्मनिर्भर बनने की ठानी। नीलू की इच्छा थी कि वह अपने पैरो पर खड़ी हो, उनका अपना रोजगार हो।
सिलाई-कढ़ाई में विशेष रूचि होने के कारण नीलू कंवर ने इस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए सोचा लेकिन उसके पास न तो कोई साधन था और न ही कोई प्रशिक्षण देने वाला।
इसी बीच (Better option for self Employment) रोजगार सहायक साधना सारथी ने प्रोजेक्ट उन्नति के बारे में बताया। रोजगार सहायक ने बताया कि कोरबा के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा सिलाई, कढ़ाई, बुनाई के लिए एक माह का कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण का लाभ लेकर आकर्षक ड्रेस, फैंसी सूट आदि बनाकर बेहतर लाभ अर्जित किया जा सकता है।
रोजगार सहायक द्वारा दिए गए सलाह ने नीलू कंवर के सपनों को परवाज देने का काम किया।
नीलू ने प्रशिक्षण में भाग लेकर सिलाई, कढ़ाई, बुनाई का बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त किया। पहले जहां खेती किसानी में मजदूरी से बमुश्किल ही परिवार का भरण पोषण हो पाता था, वहीं आज नीलू अपने ही गांव में बच्चों की ड्रेस सिलाई, डिजाइनर ब्लाउज, फैंसी सूट आदि सिलकर हर माह छह हजार रूपए की आमदनी प्राप्त कर रहीं हैं।
नीलू ने बताया कि परिवार की आमदनी बढ़ने से केवल मैं ही नहीं बल्कि मेरा पूरा परिवार खुशहाल है। नीलू ने शासन की इस नई पहल का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि कौशल उन्नयन एवं (Better option for self Employment) स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी नरेगा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं और शासन की इन्हीं प्रयासों का लाभ लेकर नीलू कंवर ने अपने सपनों को एक नई उड़ान दी है।
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