रायपुर, 1 जनवरी । panjeekrt kisaan प्रदेश में धान खरीदी तेजी से हो रही है, अब तक लगभग 58 प्रतिशत किसानों का धान खरीदा जा चुका है, हम सभी पंजीकृत किसानों से धान खरीदने प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह बात दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक के जामगांव-आर में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह में कही। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि सभी सोसाइटी में किसानों के लिए धान खरीदी के अच्छे प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं और इसके लिए बेहतर व्यवस्था बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल 92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी हुई थी, इस साल एक करोड़ मीट्रिक टन धान खरीदी की संभावना है। उन्होंने कहा कि देश भर में डीएपी का संकट है और छत्तीसगढ़ में इस संकट से निपटने के लिए वर्मी कंपोस्ट एवं सुपर कंपोस्ट के निर्माण को बढ़ावा देने का बड़ा लाभ हुआ है। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद किसानों से वर्मी कंपोस्ट से आए उत्पादन के बारे में पूछा। किसानों ने बताया कि वर्मी कंपोस्ट से अच्छी फसल हुई है, फसल की चमक भी अच्छी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ( panjeekrt kisaan ) छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में गोधन न्याय योजना के माध्यम से मिसाल स्थापित की है। इस बार राजपथ में छत्तीसगढ़ के गोधन न्याय योजना की अनुपम झांकी भी दिखेगी और प्रदेश में हो रहे कृषि से संबंधित नवाचारों की झलक भी देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोबर केवल लीपने के काम आता था, अब यह पोतने के काम भी आएगा। गोबर से पेंट बनाने के लिए काम चल रहा है। इसके अलावा गांव में गोबर के माध्यम से बिजली का उत्पादन भी होगा। इसके लिए बाहर के विशेषज्ञ शीघ्र ही आएंगे और इस पर तकनीकी रूप से काम आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि बाबा गुरु घासीदास का संदेश मनखे-मनखे एक समान का था। उनके द्वारा दिया गया समानता का यह भाव छत्तीसगढ़ी समाज में गहराई से पनपा है। सतनाम पंथ का सफेद ध्वज शांति का प्रतीक है। ( panjeekrt kisaan ) मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नशा सामाजिक बुराई की जड़ है इस वजह से महिलाओं को विशेष रुप से तकलीफों का सामना करना पड़ता है।
चाहे सतनाम समाज हो या अन्य सभी समाज, सभी समाजों से अगर नशा मुक्ति की पहल हो, जन जागरूकता अभियान तेजी से चलाया जाए, तो इस बुराई को कम करने में बड़ी सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जामगांव-आर एवं सेलूद में सभागार भवन के निर्माण की घोषणा भी की। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
]]>रायपुर, 17 दिसम्बर | Guru Ghashidas Jayanti : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 18 दिसम्बर को बाबा गुरू घासीदास की जयंती के एक दिन पूर्व राजधानी रायपुर के न्यू राजेन्द्र नगर में आयोजित सार्वजनिक गुरू घासीदास जयंती समारोह में शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि मानव जाति के उत्थान में (Guru Ghashidas Jayanti) संत बाबा गुरू घासीदास जी का जीवन अनुकरणीय है। हम सभी को उनके बताए ’मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को जीवन में उतारने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सत्य के रास्ते में चलकर मानवता के हित में काम करना चाहिए। साधु-संतों और महापुरूषों के बताए रास्ते पर चलकर छत्तीसगढ़ सरकार के आज 3 साल पूरे हो रहे हैं।
बाबा गुरुघासीदास जी का आशीर्वाद है कि उन्हें छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनके ही आशीर्वाद से सभी लोगों के कल्याण और छत्तीसगढ़ के विकास के कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने यहाँ जैतखाम की पूजा अर्चना की और आरती में भाग लिया। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री बघेल को प्रतीक स्वरूप जैतखंभ स्मृति चिन्ह भेट किए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राजेन्द्र नगर स्थित सामाजिक भवन में पुस्तकालय एवं कम्प्यूटर के लिए 50 लाख रूपए देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि (Guru Ghashidas Jayanti) बाबा गुरू गुरुघासीदास जी ने शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही समता रूपी समाज के निर्माण और सबके उत्थान की दिशा में काम किया। उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि सबकों समान न्याय मिले। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य प्रदेशों में भी गुरू पर्व का वातावरण बन गया है। मेरा सौभाग्य है कि मैं बाबा के आशीर्वाद से आज बाबा के दर्शन के लिए उपस्थित हो पाया हूँ।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लक्ष्य के अनुसार धान की खरीदी चल रही है। प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो रही है। धान खरीदी के मात्र 15 दिनों में ही एक चौथाई धान की खरीदी हो गई है।
यह बाबा गुरुघासीदास जी की कृपा है कि प्रदेश में धान खरीदी के लिए बारदाने सहित अन्य कई संकट और चुनौतियों के बावजूद भी निर्बाध रूप से धान खरीदी हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण कुछ काम जरूर प्रभावित हुए हैं। मेरे द्वारा की गई घोषणा के आधार पर बजट पास हो गया है।
जो भी कार्य है वह शीघ्र प्रारंभ हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सतनामी समाज के लोगों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.के.वर्मा, गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के अध्यक्ष के पी खांडे, डॉ. जे. आर. सोनी, डी. एस. पात्रे, शकुन डहरिया, टामन सिंह सोनवानी, एल. एल. कोसले, एच.आर. रात्रे सहित सुंदर जोगी, सुंदर लहरे, चेतन चंदेल, बबलू त्रिवेन्द्र सहित बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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