कवर्धा, 31 दिसंबर । mahila evan baal vikaas vibhaag कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता मे किशोर न्याय (बालकों के देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत गठित जिला बाल संरक्षण समिति, जिला स्तरीय मॉनिटरिंग सह निरीक्षण समिति, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण समिति, जिला स्तरीय महिला एवं बच्चों के अवैध प्रवास रोकने एवं जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की त्रैमासिक बैठक न्यू कलेक्टोरेट सभा कक्ष मे आहूत किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बाताया कि ऐसे बच्चे जो बिना किसी सहारे के सड़कों पर अकेले रहते है। ऐसे बच्चे, दिन में सड़कों पर रहते है और रात में निकट की झुग्गी, झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले अपने परिवार के पास वापस आ जाते है। अपने परिवार के साथ सड़कों पर रहने वाले बच्चे, एवं अपशिष्ट संग्रहक, भिक्षावृत्ति, बाल श्रमिक बालको संरक्षण एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए ( mahila evan baal vikaas vibhaag ) महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, नगर पालिका परिषद, पुलिस विभाग, श्रम विभाग, समाज कल्याण विभाग की सयुक्त टीम द्वारा 25 दिसंबर 2021 से 25 जनवरी 2022 तक अभियान का संचालन किया जा रहा है।
रेस्क्यू दल द्वारा रेस्क्यू किये गये बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा व राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोंग द्वारा जारी पोर्टल सीआईएस में रेस्क्यू किये गये बच्चों का एन्ट्री किया जाना है। बालको की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए जिले मे किशोर न्याय (बालको के देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत शासकीय बालगृह एवं विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण संचालित है जिसका निरीक्षण व मांनिटरिंगं जिला स्तरीय मांनिटरिग सह निरीक्षण समिति एवं ( mahila evan baal vikaas vibhaag ) बाल कल्याण समिति द्वारा किया जाता है साथ ही जिला जेल का निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय विशेषज्ञ दल का गठन किया गया है जो प्रत्येक त्रैमास में जिला जेल का निरीक्षण करती है। उन्होने बताया कि केन्द्र के द्वारा बच्चों को एन्ट्री के लिए ट्रैक द मिसिंग चाईल्ड पोर्टल संचालित किया गया जिसमें बाल कल्याण समिति व किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत प्रकरणों का पोर्टल में एन्ट्री किया जाता है।
उन्होंने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड 11 प्रकरण एवं बाल कल्याण समिति में 23 प्रकरण के समक्ष प्रस्तुत प्रकरणों का प्रत्येक तीन माह में फालोअप कर सामाजिक जांच रिपोर्ट समिति के समक्ष करना होता है। विशेष किशोर पुलिस प्रत्येक थाने में गठित है जो नाबालिग प्रकरणों का कार्य करते है। इस त्रैमास में बाल विवाह की जानकारी प्राप्त नही हुआ है। पॉक्सो प्ररण माह अक्टूबर से नवम्बर 10 प्रकरण प्राप्त हुए है। कलेक्टर शर्मा द्वारा बेसहारा बच्चों का संबंधित अभियान को जिले में व्यापक रूप से किये जाने के लिए निर्देशित किया गया।
क्रमांक-1020/गुलाब डडसेना
रायपुर, 22 दिसम्बर | Sheet Lahar : देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी शीत लहर का प्रभाव देखा जा रहा है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर लोगों को ठंड और शीत लहर से बचाने सक्रियता से प्रशासनिक अमला जुटा हुआ है। जिलों के कलेक्टर भी रात में चौक-चौराहों और सार्वजनिक जगहों पर पहुॅच कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा सार्वजनिक स्थलों विशेषकर चौक-चौराहों, रेल्वे स्टेशन, बस स्टैंड, यात्री प्रतीक्षालय आदि में रात्रि के समय अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही स्वयंसेवी, समाजसेवी संस्थाओं, दान-दाताओं की मदद से बेसहारा एवं जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े एवं कम्बल आदि वितरण किया जा रहा है।
रैन बसेरा वृद्धाश्रम और आश्रय गृहों में भी बुजुर्गो, दिव्यांगों और बच्चों को ठंड से बचाने स्वेटर, शॉल, मंकी कैप, मफ्लर, मोजे, कम्बल प्रदान करने के साथ हीटर और कमरों को ठंड से सुरक्षित बनाने अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। सार्वजनिक स्थलों में जरूरतमंद बेसहारा, विक्षिप्त लोगों को कंबल और गर्म कपड़े दिए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य में कुछ दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड और (Sheet Lahar) शीत लहर के प्रकोप को देखते हुए जरूरतमंदों के लिए जिलों में आवश्यक उपाय किए जाने और विशेष सर्तकता बरतने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि (Sheet Lahar) शीत लहर के प्रकोप के चलते जरूरतमंदों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न भागों में शीत लहर के प्रकोप से बचाव हेतु जनसामान्य के लिए सलाह जारी की गई है।
]]>बैटरी चलित ट्रायसिकल मिलने से धन्श्याम अब बिना किसी बाधा के आवागमन कर सकेंगे।
]]>सूरजपुर,9 दिसंबर | Karyon ka nirichand जिले के प्रभारी सचिव एवं समाज कल्याण विभाग के सचिव पी. दयानंद ने अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान जिला प्रशासन द्वारा जर्जर भवन को जीर्णाेद्धार कार्य किए जा रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बालक आश्रम केतका का निरीक्षण किया।
उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा जर्जर भवन को विशेष कार्य के लिए बनाए जा रहे जीर्णाेद्धार कार्य देख प्रशंसा की।
ज्ञात हो की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केतका परिसर में स्थित जर्जर भवन अनुपयोगी थे जीर्णाेद्धार भवन को कायाकल्प कर कोविड वार्ड या अन्य कार्य के लिए उपयोगी किया जाएगा।
निरीक्षण (Karyon ka nirichand) के दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टोर कक्ष, औषधि कक्ष, लैब, प्रसूति वार्ड, महिला एवं पुरुष वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कार्यरत डॉक्टर्स एवं कर्मचारियों की जानकारियां ली।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता, सीएमएचओ डॉ. आरएस सिंह, एसडीएम रवि सिंह, तहसीलदार प्रदीप जयसवाल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग विश्वनाथ रेड्डी, मंडल संयोजक, खाद्य निरीक्षक नितीश कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।
प्रभारी सचिव पी.दयानंद ने बालक आश्रम एवं मॉडल आश्रम के रूप में विकसित किये जा रहे आश्रम भवन एवं जर्जर विद्यालय भवन के उन्ययन (Karyon ka nirichand) कार्य का भी निरीक्षण किया।
आश्रम में शयन कक्ष, डायनिंग हॉल एवं शौचालय में हुए अपग्रेडेशन में हुए कार्य मे प्रसन्नता व्यक्त की।
सचिव पी. दयानंद ने उपस्थित बच्चों से भी उनकी दिनचर्या एवं खानपान के संबंध में चर्चा की एवं बच्चों को अच्छा से पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। और आश्रम से लगे कक्ष को मनोरंजन कक्ष के रूप में विकसित किये जाने के निर्देश दिए।
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