इस मामले पर सुनवाई करते हुए (Supreme Court) कोर्ट ने आंकड़ों को साझा करने का निर्देश देने की मांग पर आदेश नहीं दिया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इसे लागू करने के लिए जनगणना के आंकड़े मांगे थे।
स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण देने के लिए आंकड़ों को सार्वजनिक करने के लिए कहा गया था। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने ने इस मामले पर सुनवाई की।
जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह बात अहम है कि केंद्र के उस हलफनामे को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। जिसमें कहा गया है कि 2022 में भी जातिगत जनगणना नहीं कराई जाएगी।
पीठ ने केंद्र सरकार के रुख पर ध्यान देते हुए रिट (Supreme Court) याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि एसईसीसी-2011 पिछड़े वर्गों के आकंड़ों और एसईसीसी-2011 के दौरान एकत्र किए गए जाति डेटा की गणना करने की कवायद नहीं थी।
डेटा सटीक नहीं था और त्रुटियों से भरा था
केंद्र ने एक हलफनामा दायर कर कहा कि उसने आगामी 2021 की जनगणना में जानकारी के संग्रह के लिए 7 जनवरी 2020 को एक अधिसूचना जारी की, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित जानकारी शामिल है। डेटा सटीक नहीं था और त्रुटियों से भरा था।
लेकिन जाति की कोई अन्य श्रेणी नहीं है। इसलिए, केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत से आग्रह किया कि आगामी 2021 की जनगणना में ग्रामीण भारत में बीसीसी से संबंधित सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों की गणना को शामिल करने के लिए जनगणना विभाग को कोई निर्देश जारी न करें। ऐसे में कोर्ट ने भी सरकार की बात को माना और अभी डेटा जारी करने की याचिका को खारिज कर दिया।
]]>जनरल बिपिन रावत का पार्थिव शरीर उनके आवास से बरार स्क्वायर ले जाया जा रहा है. अंतिम संस्कार के वक्त उन्हें 17 तोपों की सलामी दी जाएगी. इस दौरान 800 जवान यहां मौजूद रहेंगे.
CDS (Chief of Defense staff) बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत की बेटियां कृतिका और तारिनी ने अपने माता-पिता को अंतिम श्रद्धांजलि दी.
आज सुबह ही जनरल रावत (General Bipin Rawat) और उनकी पत्नी का शव उनके शासकीय आवास पर पहुंचाया गया. जहां आम लोगों ने अपने वीर का अंतिम दर्शन कर श्रद्धंजलि दी।
इसके अलावा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिव एनवी रमन्ना, किसान नेता राकेश टिकैत ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, तमाम केंद्रीय मंत्रियों, समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव समेत कई नेताओं ने भी श्रद्धंजलि दी।
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