(mukhyamantree suposhan abhiyaan) कलेक्टर एल्मा ने आज महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक लेकर पर्यवेक्षकों को इन चिन्हांकित आंगनबाड़ी केंद्रों सहित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सतत मॉनिटरिंग करने और गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र भेजना सुनिश्चित करने कहा। ज़िले में कुल चार पोषण पुनर्वास केंद्रों और एक लइका जतन ठऊर में कुल 45 बिस्तर हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भी सभी पोषण पुनर्वास केन्द्र में शत प्रतिशत बेड ऑक्युपेंसी सुनिश्चित करने कहा। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री एम.डी.नायक ने बताया कि वजन त्यौहार जुलाई 2021 के अनुसार ज़िले में 13.31 प्रतिशत बच्चे कुपोषित पाए गए और 15 से 49 साल की उम्र की 59.60 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया की शिकार हैं। इन्हीं बच्चों और महिलाओं को कुपोषण और एनीमिया से मुक्ति दिलाने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तीसरे चरण की शुरुवात की जा रही है
बैठक के अन्त में कलेक्टर ने खाद्य, स्वास्थ्य, पंचायत और ग्रामीण विकास, आयुष, उद्यानिकी विभाग को महिला एवं बाल विकास विभाग से समन्वय स्थापित कर (mukhyamantree suposhan abhiyaan)मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को सफल बनाने पर जोर दिया है, जिससे शासन की मंशा अनुरूप बच्चों को सुपोषित किया जा सके। यह बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सुबह 11 बजे से शुरू हुआ। इस मौके पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, आयुर्वेद, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
कवर्धा, 31 दिसंबर । vajan tyauhaar कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा के निर्देशानुरूप छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी कार्यक्रम “वजन त्यौहार” 08 से 14 जनवरी तक मनाए जाने के सम्बन्ध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सभा कक्ष में गुरूवार को बैठक आयोजित किया गया। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी आर.के. पाण्डेय, आनन्द तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (म.बा.वि.), सहायक संचालक एम.के. गुप्ता , यू.आर. चंद्राकर, एम.आई. एस., प्रशासक सतीश यदु तथा कृतिका सिंह (परियोजना अधिकारी) की उपस्थिति में जिले के निजी विद्यालयों के प्राचार्यो बैठक ने उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि 11 जनवरी 2022 को जिले के 0 से 6 आयु वर्ग के बच्चो के लिए वजन तिहार महा अभियान मनाया जाना सुनिश्चित हुआ है। निजी विद्यालयों में अध्ययनरत 6 वर्ष तक के विद्यार्थियों के पोषण स्तर की जांच के लिए ( vajan tyauhaar )वजन त्यौहार में आयुवार, वजन के साथ-साथ बच्चों की उंचाई भी मापी जाकर निर्धारित प्रारूप में रिकार्ड तैयार किया जाना है तथा महिला बाल विकास विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले निर्धारित लिंक मोबाईल एप में आधार नंबर के साथ आनलाइन किया जाएगा।
निजी विद्यालयों में अध्ययनरत छह वर्ष तक के विद्यार्थियों का वजन त्यौहार महाअभियान के लिए स्कूल शिक्षा विभाग से संकुल स्तर पर संकुल शैक्षिक समन्वयक महा अभियान तिथि को अपने संकुल क्षेत्र में संचालित निजी विद्यालयों में ( vajan tyauhaar )“वजन तिहार” के समुचित संचालन के लिए भेट देंगे तथा निर्धारित प्रारूप में आकडे संकलित कर महिला बाल विकास विभाग को उपलब्ध कराएगें।
बैठक में बताया गया कि ऐसे निजी विद्यालय जहां 0-6 आयुवर्ग के विद्यार्थी अध्ययनरत है, को एजेंसी पंजीयन कर विद्यालय स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाने के लिए निर्धारित फार्म की प्रविष्टि उपरांत राम सागर साहू (म.बा.वि.) के व्हाट्स एप नंबर 7389826624 पर अविलम्ब प्रेषित करेंगे।
कवर्धा, 31 दिसंबर । mahila evan baal vikaas vibhaag कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता मे किशोर न्याय (बालकों के देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत गठित जिला बाल संरक्षण समिति, जिला स्तरीय मॉनिटरिंग सह निरीक्षण समिति, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण समिति, जिला स्तरीय महिला एवं बच्चों के अवैध प्रवास रोकने एवं जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की त्रैमासिक बैठक न्यू कलेक्टोरेट सभा कक्ष मे आहूत किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बाताया कि ऐसे बच्चे जो बिना किसी सहारे के सड़कों पर अकेले रहते है। ऐसे बच्चे, दिन में सड़कों पर रहते है और रात में निकट की झुग्गी, झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले अपने परिवार के पास वापस आ जाते है। अपने परिवार के साथ सड़कों पर रहने वाले बच्चे, एवं अपशिष्ट संग्रहक, भिक्षावृत्ति, बाल श्रमिक बालको संरक्षण एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए ( mahila evan baal vikaas vibhaag ) महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, नगर पालिका परिषद, पुलिस विभाग, श्रम विभाग, समाज कल्याण विभाग की सयुक्त टीम द्वारा 25 दिसंबर 2021 से 25 जनवरी 2022 तक अभियान का संचालन किया जा रहा है।
रेस्क्यू दल द्वारा रेस्क्यू किये गये बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा व राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोंग द्वारा जारी पोर्टल सीआईएस में रेस्क्यू किये गये बच्चों का एन्ट्री किया जाना है। बालको की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए जिले मे किशोर न्याय (बालको के देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत शासकीय बालगृह एवं विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण संचालित है जिसका निरीक्षण व मांनिटरिंगं जिला स्तरीय मांनिटरिग सह निरीक्षण समिति एवं ( mahila evan baal vikaas vibhaag ) बाल कल्याण समिति द्वारा किया जाता है साथ ही जिला जेल का निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय विशेषज्ञ दल का गठन किया गया है जो प्रत्येक त्रैमास में जिला जेल का निरीक्षण करती है। उन्होने बताया कि केन्द्र के द्वारा बच्चों को एन्ट्री के लिए ट्रैक द मिसिंग चाईल्ड पोर्टल संचालित किया गया जिसमें बाल कल्याण समिति व किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत प्रकरणों का पोर्टल में एन्ट्री किया जाता है।
उन्होंने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड 11 प्रकरण एवं बाल कल्याण समिति में 23 प्रकरण के समक्ष प्रस्तुत प्रकरणों का प्रत्येक तीन माह में फालोअप कर सामाजिक जांच रिपोर्ट समिति के समक्ष करना होता है। विशेष किशोर पुलिस प्रत्येक थाने में गठित है जो नाबालिग प्रकरणों का कार्य करते है। इस त्रैमास में बाल विवाह की जानकारी प्राप्त नही हुआ है। पॉक्सो प्ररण माह अक्टूबर से नवम्बर 10 प्रकरण प्राप्त हुए है। कलेक्टर शर्मा द्वारा बेसहारा बच्चों का संबंधित अभियान को जिले में व्यापक रूप से किये जाने के लिए निर्देशित किया गया।
क्रमांक-1020/गुलाब डडसेना