
त्रैमासिक प्रिवेंटिव विजिलेंस कैम्पेन के तहत भिलाई प्रवास पर आए सेल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री दिलीप कुमार ने भिलाई इस्पात संयंत्र के राजहरा माइंस का दौरा कर खनन गतिविधियों एवं कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी ली, तत्पश्चात 18 सितंबर 2026 को भिलाई इस्पात संयंत्र का भ्रमण कर संयंत्र की उत्पादन गतिविधियों एवं विभिन्न परिचालन क्षेत्रों का अवलोकन करने के साथ-साथ सतर्कता गतिविधियों की समीक्षा की। संयंत्र भ्रमण के दौरान उनके साथ मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (विजिलेंस, सेल) एवं अतिरिक्त प्रभार कार्यपालक निदेशक (विजिलेंस) श्री ज्ञानेश झा उपस्थित रहे।
संयंत्र भ्रमण के प्रारंभ में वे सर्वप्रथम मेन गेट स्थित सुरक्षा उत्कृष्टता केन्द्र पहुंचे, जहां उन्हें संयंत्र भ्रमण के दौरान आवश्यक सुरक्षा निर्देशों से अवगत कराया गया। सुरक्षा उत्कृष्टता केन्द्र से वे भिलाई इस्पात संयंत्र के बार राड मिल गए, जहां उन्होंने उत्पादन प्रणाली एवं प्रचालनिक गतिविधियों का अवलोकन किया तथा यूआरएम में विश्व की सबसे लंबी 260 मीटर रेल की रोलिंग प्रक्रिया को देखा।
इसके उपरांत निदेशक प्रभारी सभागार में आयोजित सेल समीक्षा बैठक में मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ, सेल) श्री दिलीप कुमार के साथ निदेशक प्रभारी (भिलाई इस्पात संयंत्र) श्री चित्त रंजन महापात्र, कार्यपालक निदेशकगण, मुख्य महाप्रबंधकगण तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा बैठक के दौरान श्री दिलीप कुमार ने सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के शीर्ष प्रबंधन के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए संयंत्र के समग्र प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा की।
भ्रमण के उपरांत सिविक सेंटर स्थित महात्मा गांधी कला मंदिर सभागार में आयोजित लार्ज ग्रुप इंटरेक्शन में मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ, सेल) श्री दिलीप कुमार ने वरिष्ठ प्रबंधन के सदस्य व अधिकारियों के साथ सतर्कता, पारदर्शिता, नैतिक कार्यसंस्कृति एवं उत्तरदायी कार्यप्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (विजिलेंस, सेल) एवं अतिरिक्त प्रभार कार्यपालक निदेशक (विजिलेंस) श्री ज्ञानेश झा, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री अरुण कुमार, मुख्य महाप्रबंधक व एसीवीओ (विजिलेंस) श्री सुनील सिंघल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
दौरे के क्रम में सीवीओ, सेल द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र की विजिलेंस गतिविधियों की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सतर्कता संबंधी प्रावधानों के प्रति सजग रहते हुए कार्यों में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं नियमों के अनुपालन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।



