केंद्र सरकार ने देश के प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी है. इन रूट्स के जरिए लंबी दूरी की यात्रा बेहद कम समय में पूरी की जा सकेगी. सरकार का लक्ष्य है कि देश में आधुनिक रेल परिवहन को बढ़ावा दिया जाए और सड़क तथा हवाई यात्रा पर बढ़ते दबाव को कम किया जाए. हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है.
इन शहरों के बीच सफर होगा बेहद आसान
मंजूर किए गए कॉरिडोर में मुंबई-अहमदाबाद, मुंबई-पुणे, बेंगलुरु-चेन्नई, बेंगलुरु-हैदराबाद, पुणे-हैदराबाद, दिल्ली-लखनऊ, दिल्ली-वाराणसी और दिल्ली-सिलीगुड़ी जैसे महत्वपूर्ण रूट शामिल हैं. प्रस्तावित योजना के अनुसार मुंबई से पुणे की दूरी मात्र 48 मिनट में तय की जा सकेगी, जबकि दिल्ली से लखनऊ सिर्फ 2 घंटे में पहुंचा जा सकेगा. इसी तरह दिल्ली से वाराणसी का सफर लगभग 3 घंटे 15 मिनट में पूरा होने की संभावना है.
बिहार को भी मिलेगा हाई-स्पीड रेल का लाभ
रेल मंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली-वाराणसी-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भी मंजूरी मिल चुकी है. इस परियोजना के शुरू होने के बाद पटना से दिल्ली की यात्रा लगभग 4 घंटे 41 मिनट में पूरी हो सकेगी. सरकार भविष्य में इस कॉरिडोर को सिलीगुड़ी तक बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रही है. इससे बिहार और पूर्वी भारत के कई हिस्सों को तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी



