राज्य शासन द्वारा श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रम विभाग के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
इसी क्रम में संकल्प सेवा अभियान अंतर्गत आयोजित ‘सेवा मेरा योगदान’ शिविर में कोण्डागांव के सरगीपाल पारा निवासी श्रमिक श्रीमती ममता साहू की पुत्री कुमकुम को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। श्रम विभाग में पंजीयन के कारण कुमकुम को योजना का लाभ मिला। यह आर्थिक सहायता उनकी कौशल विकास, रोजगार अथवा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने में सहायक होगी।
क्या है मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना
मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पहली दो अविवाहित बेटियों को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार या विवाह के लिए 20 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में कम से कम तीन वर्ष पूर्व पंजीयन तथा पुत्री की आयु 18 से 21 वर्ष और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
कुमकुम ने इस योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री श्री देवांगन का आभार प्रकट करते हुए कहा कि श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहयोग देकर उन्हें शिक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का बेहतर अवसर दिया जा रहा है।



