Home छत्तीसगढ़ सेवा की कहानी : उद्यानिकी फसल से तामेश्वर वर्मा की आय में...

सेवा की कहानी : उद्यानिकी फसल से तामेश्वर वर्मा की आय में हुई बढ़ोतरी

3
0

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन की योजनाओं से किसानों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। इसी कड़ी में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम विचारपुर, विकासखंड खैरागढ़ निवासी श्री तामेश्वर वर्मा उन्नत उद्यानिकी खेती और शासकीय सहायता से बढ़ती आय की मिसाल बन गए हैं। पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। सीमित आय के कारण फसल में गुणवत्तापूर्ण खाद, दवाइयों और आवश्यक कृषि संसाधनों का उपयोग करना कठिन था, जिससे उत्पादन और आमदनी प्रभावित होती थी।

उद्यानिकी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसल को अपनाने का निर्णय लिया। वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत उन्हें ग्राफ्टेड बैंगन उत्पादन के लिए 75 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिला। योजना के सहयोग से उन्होंने उन्नत तकनीक के साथ बैंगन की खेती शुरू की, जिससे उत्पादन और आय में वृद्धि हुई।

ग्राफ्टेड बैंगन से लगभग 25 से 40 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादन तथा करीब 5 से 6 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक लाभ प्राप्त होने से उनकी खेती अधिक फायदेमंद हुई। योजना से पहले जहां उनकी अनुमानित आय करीब 10 हजार रुपये प्रतिमाह थी, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर लगभग 20 हजार रुपये प्रतिमाह हो गई है। बढ़ी हुई आय से वे खेती में आवश्यक खाद-दवाइयों एवं अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग कर पा रहे हैं।

हितग्राही श्री वर्मा ने बताया कि उद्यानिकी फसल अपनाने से उनकी खेती में सकारात्मक बदलाव आया है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है। वे विभाग की योजनाओं से मिले लाभ से संतुष्ट हैं तथा आसपास के अन्य किसानों को भी उद्यानिकी योजनाओं और उन्नत फसल उत्पादन की जानकारी देकर उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मिली अनुदान सहायता ने श्री वर्मा को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उन्नत उद्यानिकी उत्पादन अपनाने का अवसर दिया है। उद्यानिकी खेती से बढ़ी आय उनके परिवार को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रही है।