अगले 24 घंटे में बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, कांकेर, महासमुंद, नारायणपुर, रायपुर और सुकमा में कई जगह भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी
एहतियात के तौर पर स्कूलों में छुट्टी घोषित ,प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और बेवजह घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है.
रायपुर.
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, राज्य में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 31 मकानों को नुकसान पहुंचा है। स्थिति को देखते हुए करीब 57 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए अपनी टीमें तैनात की हैं।
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्नब का असर छत्तीसगढ़ में दिखने लगा है। रायपुर और रायगढ़ में सुबह से बूंदाबांदी हो रही है। तेज हवाएं चल रही है। गरियाबंद में भी देर रात से लगातार बारिश के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने कोंडागांव, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में रेड अलर्ट जारी किया है।
दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी है। अगले 24 घंटे में बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, कांकेर, महासमुंद, नारायणपुर, रायपुर और सुकमा में कई जगह भारी से अति भारी बारिश, गरज-चमक और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
एहतियात के तौर पर जगदलपुर समेत बस्तर और सुकमा जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। रायपुर, गरियाबंद और दुर्ग में भी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। कोरिया, सूरजपुर और जीपीएम जिले में भी कल स्कूल बंद रहेंगे। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और बेवजह घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है
छत्तीसगढ़ में भी मौसम को लेकर सतर्कता
चक्रवात से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के बीच छत्तीसगढ़ में भी बारिश की संभावना को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। खासकर बस्तर संभाग और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।
रायपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों के लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही अपनी यात्रा और अन्य गतिविधियों की योजना बनाएं। तेज हवाओं या भारी बारिश की चेतावनी जारी होने पर खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
चक्रवात के कमजोर पड़ने के बावजूद बारिश और तेज हवाओं से होने वाले नुकसान की आशंका बनी रह सकती है। ऐसे में आपदा प्रबंधन टीमें और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।



