Home छत्तीसगढ़ सुशासन की नई मिसाल : नारायणपुर के सबसे सुदूर ‘लंका’ गांव तक...

सुशासन की नई मिसाल : नारायणपुर के सबसे सुदूर ‘लंका’ गांव तक पहुंचा प्रशासन

20
0
Spread the love

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और जिला प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन में नारायणपुर जिला में विकास और सुशासन की एक नई इबारत लिखी जा रही है। जिले के ओरछा विकासखंड के सुदूर और दुर्गम छोर पर स्थित लंका गांव में दो दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन कर प्रशासन ने यह सिद्ध कर दिया कि विकास की किरणें अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।

दुर्गम रास्तों को पार कर ग्रामीणों के द्वार पहुंचा ‘सुशासन’

​जिला मुख्यालय से लगभग 130 किलोमीटर दूर और इन्द्रावती नदी के किनारे बसा लंका गांव, जो कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता था, वहां आजादी के बाद पहली बार जिला स्तरीय प्रशासनिक शिविर का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन की टीम ने नदी-नालों और पहाड़ों के कठिन रास्तों को पार कर ग्रामीणों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को न केवल सुना, बल्कि मौके पर ही उनका समाधान भी किया।

सुशासन एक्सप्रेस बनी ग्रामीणों के लिए वरदान

​इस शिविर में सबसे बड़ा आकर्षण ‘सुशासन एक्सप्रेस’ रही। वाई-फाई युक्त इस मोबाइल सेवा वाहन ने ग्रामीणों की तकनीकी बाधाओं को दूर कर दिया। इस वाहन के माध्यम से
​तत्काल आधार कार्ड, जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र सहित 27 प्रकार के आवश्यक दस्तावेज मौके पर ही तैयार किए गए। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने की मजबूरी से मुक्ति मिली। सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक कुल 17,520 आवेदनों का त्वरित निस्तारण कर रिकॉर्ड बनाया गया है।

​शिविर में आवेदनों की झड़ी

​दो दिवसीय शिविर में लंका सहित आसपास के पांच गांवों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कुल 310 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 242 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। इस शिविर में ​प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 179, मनरेगा जॉब कार्ड के 34, राशन कार्ड के 25 और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 18 आवेदन प्रमुख रहे।

​ शिविर में ​कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा, “नियद नेल्लानार योजना के तहत आयोजित ये शिविर अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में शासन की मजबूत उपस्थिति का प्रमाण हैं। इससे न केवल ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है, बल्कि विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का उनका सपना भी साकार हो रहा है। आगामी 29 और 30 अप्रैल को शिविर का आयोजन आदनार में किया जाएगा। जिसमें मलमेटा, कोंजे और बोडुम के ग्रामीण लाभान्वित होंगे। सुशासन का यह कारवां निरंतर जारी रहेगा।


Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here