किसी भी देश के लिए दो सबसे जरूरी चीजें होती हैं. पहली शिक्षा और दूसरी स्वास्थ्य. जाहिर है कि अगर इनमें से किसी भी सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर किसी एक ही देश का हो तो बात चिंता करने वाली है. इसी चिंता को नीति आयोग ने भी जाहिर किया है. आयोग ने कहा है कि भारत की औषधि आपूर्ति श्रृंखला जरूरी रसायन यानी कच्चे माल (एपीआई) और मुख्य शुरुआती सामग्री के लिए चीन से होने वाले आयात पर बहुत अधिक निर्भर है. यह बात चिंताजनक है.
आयोग ने व्यापार पर जारी तिमाही रिपोर्ट में यह भी कहा कि पर्यावरण से जुड़े नियमों का पालन करने की बढ़ती जरूरतों के कारण भारत में विनिर्माण और अनुसंधान एवं विकास की लागत काफी बढ़ गई है. नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत की औषधि आपूर्ति श्रृंखला प्रमुख रसायन, मुख्य शुरुआती सामग्री और अन्य जरूरी उत्पादों के लिए चीन से होने वाले आयात पर बहुत अधिक निर्भर है. इन वस्तुओं के आयात में चीन की 65 फीसदी हिस्सेदारी है. यह भारत के सबसे जरूरी सेक्टर के लिए चिंताजनक है.



