Home देश चीन-पाक के होश उड़ाने वाली डिप्लोमेसी! दिनेश त्रिवेदी का ढाका में बढ़ा...

चीन-पाक के होश उड़ाने वाली डिप्लोमेसी! दिनेश त्रिवेदी का ढाका में बढ़ा कद क्या कहता है

2
0
Spread the love

ढाका में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी को कैबिनेट रैंक दिया गया है. होम मिनिस्ट्री ने एक मेमोरेंडम के जरिए इस फैसले की जानकारी दी है. बांग्लादेश से रिश्ते हमेशा से भारत की विदेश नीति में काफी अहम रहे हैं. हाल के समय में दोनों देशों के बीच काफी तनाव और उतार-चढ़ाव देखने को मिले थे. शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मोहम्मद यूनुस ने कमान संभाली थी. अब तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बन चुके हैं. ऐसे में भारत अपने रिश्तों को फिर से मजबूत करना चाहता है. दिनेश त्रिवेदी को यह दर्जा देना सीधा मैसेज है. भारत यह बताना चाहता है कि वह ढाका मिशन को कितनी ज्यादा अहमियत देता है. इस फैसले से चीन और पाकिस्तान को भी कड़ा संदेश मिला है.
ढाका में दिनेश त्रिवेदी को कैबिनेट रैंक मिलने के क्या मायने हैं?
दिनेश त्रिवेदी पहले केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वह कोई रेगुलर आईएफएस अधिकारी नहीं हैं. उन्हें अप्रैल के महीने में ढाका में भारत का नया हाई कमिश्नर बनाया गया था. अब उन्हें यूनियन कैबिनेट मंत्री के बराबर का दर्जा दे दिया गया है. यह दर्जा सिर्फ प्रोटोकॉल के लिए काम करेगा. टेबल ऑफ प्रेसिडेंस में कोई स्थायी बदलाव नहीं किया गया है. फिर भी यह एक बहुत बड़ा कूटनीतिक संकेत है.

आमतौर पर किसी एंबेसडर को इतना ऊंचा रैंक नहीं दिया जाता है. इस बड़े फैसले से दिनेश त्रिवेदी को ढाका में सबसे ऊंचे स्तर पर बातचीत करने का अधिकार मिल गया है. उन्हें राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग में ज्यादा तरजीह मिलेगी. यह कदम दिखाता है कि न्यू दिल्ली अपने इस मिशन को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रख रहा है.

बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान के चीन दौरे से भारत की चिंताएं क्यों बढ़ी हैं?
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से वहां के हालात तेजी से बदले हैं. साल 2024 में शेख हसीना की सरकार अचानक से गिर गई थी. उसके बाद नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार बनी थी. इस दौरान भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में काफी खटास आ गई थी. अब वहां तारिक रहमान के नेतृत्व में नई लोकतांत्रिक सरकार काम कर रही है.
तारिक रहमान फिलहाल अपने जरूरी दौरे के लिए चीन गए हुए हैं. यह दौरा भारत के लिए गहरी चिंता का विषय है. बांग्लादेश अपने संबंधों को चीन और पाकिस्तान के साथ तेजी से गहरा कर रहा है.
यह दोनों देश दक्षिण एशिया में भारत के प्रभाव को कम करने की कोशिश में लगे हैं. इसी वजह से भारत को अपना पावर गेम मजबूत करना पड़ा है. दिनेश त्रिवेदी का बढ़ा हुआ कद इसी खास रणनीति का हिस्सा है.


Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here