विश्व कप के नॉकआउट चरण में फ्रांस ने आखिरकार पैराग्वे की कड़ी चुनौती को पार करते हुए क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। लंबे समय तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में फ्रांस को जीत के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी और अंत में किलियन एम्बाप्पे के दूसरे हाफ में किए गए पेनाल्टी गोल की बदौलत टीम ने पैराग्वे को 1-0 से हराकर अंतिम आठ में प्रवेश कर लिया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, यह मुकाबला अमेरिका के फिलाडेल्फिया शहर में खेला गया, जहां लगभग 68 हजार से अधिक दर्शक मौजूद थे। भीषण गर्मी के बीच खेले गए इस मुकाबले में तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। मौसम विभाग की ओर से तेज आंधी और तूफान की चेतावनी भी जारी की गई थी, लेकिन मैच बिना किसी रुकावट के पूरा हुआ।
शुरुआत से ही फ्रांस ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा, जबकि पैराग्वे ने पूरी टीम के साथ रक्षात्मक रणनीति अपनाई। पांच रक्षकों के साथ मैदान में उतरी पैराग्वे की टीम ने फ्रांस के आक्रमण को लंबे समय तक रोककर रखा। गौरतलब है कि मैच के लगभग 90 मिनट तक पैराग्वे एक भी निशाना साधने वाला प्रयास नहीं कर सका, जबकि फ्रांस लगातार दबाव बनाए हुए था।
पहले हाफ में फ्रांस को कई मौके मिले, लेकिन पैराग्वे की मजबूत रक्षा पंक्ति और गोलरक्षक ओरलांडो गिल ने हर प्रयास को विफल कर दिया। मनु कोने के दो शानदार प्रयास भी गोल में नहीं बदल सके। दूसरी ओर माइकल ओलिसे और उस्मान डेम्बेले जैसे खिलाड़ी भी अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाए।
मैच के लगभग एक घंटे बाद फ्रांस के मुख्य कोच दिदिए देसां ने बदलाव करते हुए ब्रैडली बारकोला की जगह देजिरे दूए को मैदान पर उतारा। यह बदलाव टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ। कुछ ही मिनट बाद दूए गेंद लेकर पैराग्वे के रक्षकों के बीच पहुंचे, जहां दिएगो गोमेज़ ने उन्हें गिरा दिया। वीडियो समीक्षा के बाद रेफरी ने फ्रांस को पेनाल्टी दे दी।
बता दें कि पेनाल्टी लेने से पहले पैराग्वे के खिलाड़ियों ने दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन किलियन एम्बाप्पे ने पूरी शांति के साथ गेंद को जाल में पहुंचा दिया। यह गोल मैच का एकमात्र गोल साबित हुआ और इसी के दम पर फ्रांस ने जीत दर्ज कर ली।
इस गोल के साथ एम्बाप्पे ने इस विश्व कप में अपने गोलों की संख्या सात कर ली है। वह अब लियोनेल मेसी के साथ इस प्रतियोगिता में संयुक्त रूप से सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इसके अलावा विश्व कप में उनके कुल गोलों की संख्या 19 हो गई है। अब वह लियोनेल मेसी के 20 विश्व कप गोलों के रिकॉर्ड से केवल एक गोल पीछे हैं।
अब फ्रांस की टीम क्वार्टर फाइनल में मोरक्को का सामना करेगी। बता दें कि मोरक्को ने अपने अंतिम-16 मुकाबले में कनाडा को 3-0 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई है। फ्रांस की टीम अब अपने अगले मुकाबले की तैयारी करेगी। दिलचस्प बात यह भी है कि वर्ष 1998 के विश्व कप में भी फ्रांस ने इसी चरण में पैराग्वे को हराया था और बाद में खिताब जीतने में सफल रहा था। ऐसे में फ्रांसीसी समर्थकों को उम्मीद है कि इस बार भी टीम उसी इतिहास को दोहराने में सफल होगी।



