इस अवसर पर डॉ. पी. एल. साव (प्रांतीय संयोजक, DIYA छत्तीसगढ़) ने नशा मुक्त समाज के निर्माण पर प्रभावशाली उद्बोधन दिया। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ, सकारात्मक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में “युवा का व्यक्तित्व कैसा हो” विषय पर इंजीनियर युगल किशोर (प्रांतीय सह संयोजक) ने अपने विचार रखे। उन्होंने युवाओं को आत्म अनुशासन, लक्ष्य निर्धारण और सामाजिक दायित्व के महत्व को समझाया।
कार्यक्रम के दौरान आत्म चिंतन, आत्म सुधार, आत्म निर्माण एवं आत्म विस्तार जैसे मूल्यों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। NSS स्वयंसेवकों एवं ग्रामवासियों ने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों एवं ग्रामवासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम प्रभारी संतोष कुमार लहरे (हायर सेकेंडरी स्कूल पूरई) एवं जय पाल सिंह गवारे (हायर सेकेंडरी स्कूल रसमड़ा) का विशेष योगदान रहा।



