अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सप्लाई पर कब्जा रखने वाले सबसे बड़े सिंडिकेट ‘ओपेक’ (OPEC) में जंग छिड़ गई है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसी महाशक्ति के ओपेक छोड़ने के महज दो महीने बाद, अब संगठन के दूसरे सबसे बड़े तेल उत्पादक देश इराक ने खुलेआम बगावत का बिगुल फूंक दिया है. इराक ने ओपेक को बाय-बाय करने की धमकी दे डाली है. अगर इराक इस संगठन से बाहर निकलता है तो ये सऊदी अरब के राज और पूरे ओपेक के लिए एक ऐसा आत्मघाती झटका होगा जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी और पूरी ग्लोबल इकोनॉमी चरमरा जाएगी.
सऊदी अरब इस बात को हल्के में न ले: इराक की सीधी चेतावनी
जिस ओपेक संगठन की स्थापना साल 1960 में खुद इराक की राजधानी बगदाद में हुई थी, आज वही इराक इसे ठुकराने कगार पर खड़ा है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के ओपेक छोड़ने के महज दो महीने बाद इराक के इस कदम ने सऊदी किंगडम के होश उड़ा दिए हैं. इराक के तेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बेहद आक्रामक लहजे में सऊदी अरब को अल्टीमेटम दिया है.
सऊदी को सीधी धमकी: ‘सऊदी अरब और ओपेक के अन्य सहयोगियों को इराक के कोटे वाले मामले को बेहद गंभीरता से लेना चाहिए. अगर ऐसा नहीं किया गया, तो इराक अपने सभी विकल्पों यानी संगठन छोड़ने पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाएगा’.
युद्ध की मार और मजबूरी: इराक अपनी कमाई के लिए पूरी तरह तेल पर निर्भर है लेकिन ईरान युद्ध के चलते उसका निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इराक का उत्पादन जो फरवरी में 42 लाख बैरल प्रति दिन था, वो मई में घटकर महज 14.8 लाख बैरल प्रति दिन रह गया है.



