भारत घरेलू मांग को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में उर्वरकों का आयात करता है. गत वित्त वर्ष में देश ने 100 लाख टन से अधिक यूरिया का आयात किया था. इस साल रिकॉर्ड 25 लाख टन का ऑर्डर एकमुश्त दिया गया है. खरीफ फसलों की बुवाई जून से दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ शुरू होती है. पिछले वर्ष की तुलना से भी भंडार की बेहतर स्थिति स्पष्ट होती है. लिहाजा किसानों को इस बार यूरिया अथवा अन्य किसी फर्टिलाइजर्स को लेकर दिक्कत नहीं आएगी.
किसानों के खुशखबरी! जरूरत से ज्यादा है उर्वरक का भंडार, सिर्फ 266 रुपये में मिलेगी 4000 वाली यूरिया की बोरी
भारत घरेलू मांग को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में उर्वरकों का आयात करता है. गत वित्त वर्ष में देश ने 100 लाख टन से अधिक यूरिया का आयात किया था. इस साल रिकॉर्ड 25 लाख टन का ऑर्डर एकमुश्त दिया गया है. खरीफ फसलों की बुवाई जून से दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ शुरू होती है. पिछले वर्ष की तुलना से भी भंडार की बेहतर स्थिति स्पष्ट होती है. लिहाजा किसानों को इस बार यूरिया अथवा अन्य किसी फर्टिलाइजर्स को लेकर दिक्कत नहीं आएगी.



