योगी सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का भी खंडन किया है, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये प्रति माह निर्धारित कर दिया गया है. सरकार ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर दी जा रही सूचना पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि केवल आधिकारिक सोर्स से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की गई है.
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक राज्य सरकार ने वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और श्रमिकों की मांगों को देखते हुए न्यूनतम वेतन में तत्काल रूप से अंतरिम वृद्धि करने का फैसला लिया है. अगले माह एक वेज बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसकी अनुशंसाओं के आधार पर भविष्य में न्यूनतम वेतन का निर्धारण होगा. इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं के तहत पूरे देश में एक समान न्यूनतम आधार रेखा तय करने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है.



