कोर्ट ने कहा कि मामला पहले से रिजर्व है, हम इसे फिर से नहीं सुनेंगे. इसके बाद सुनवाई समाप्त कर दी गई. हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि सीबीआई द्वारा दाखिल जवाबी हलफनामे को रिकॉर्ड पर लिया जाएगा और रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि इसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दाखिल किया जाए.
सुनवाई के दौरान तुषार मेहता ने कहा कि पहले इस तरह के अनुरोध को खारिज किया जा चुका है, लेकिन उन्हें इस दस्तावेज को रिकॉर्ड पर लेने में कोई आपत्ति नहीं है. इस पर अरविंद केजरीवाल की ओर से कहा गया कि वे भी इस पर अपना जवाब दाखिल करेंगे. कोर्ट ने दोनों पक्षों की बातों को नोट किया. साथ ही यह स्पष्ट किया कि नए दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लिया जाएगा, लेकिन इससे पहले से सुरक्षित फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरफ से दाखिल याचिका पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हो रही थी. इस मामले में अतिरिक्त केजरीवाल ने एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को आबकारी नीति मामले की सुनवाई से अलग करने की मांग की थी. केजरीवाल की ओर से कहा गया है कि निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए जज का इस केस से अलग होना जरूरी है.



